अरनिया/विजयपुर। सीमावर्ती क्षेत्रों में शनिवार को बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। गेहूं और आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि इस बार गेहूं की पैदावार पर 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान तय है। लगातार बारिश और तेज हवाओं से आम के फूल और छोटे फल गिर रहे हैं। सरकार को इसे प्राकृतिक आपदा घोषित कर मुआवजा देना चाहिए। अरनिया के किसान यशपाल सिंह, अर्जुन सिंह ने निराशा जताते हुए कहा कि इस बारिश ने हमारी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बैंक की किस्तें चुकाना भी अब मुश्किल हो जाएगा। राया, सुचानी, वगुना, पाटी, गुड़ा क्षेत्र के किसान रमेश कुमार, रामपाल शर्मा, गिरदारी लाल आदि ने बताया कि इस बारिश ने आम की फसल को भी बर्बाद कर दिया है। किसानों ने मांग की है कि कृषि विभाग की टीम क्षेत्र का दौरा कर नुकसान का आकलन करे और इसे प्राकृतिक आपदा के दायरे में लाकर केंद्रीय योजनाओं के तहत सहायता प्रदान की जाए। संवाद