जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को मौसम के दो रंग देखने को मिले। इस दौरान जम्मू संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में जहां सुबह से धूप खिली रही, वहीं कश्मीर के पर्यटन स्थलों सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। पुंछ के पीर पंजाल श्रृंखला में भी अनमोल तोहफे बरसे। पर्यटन स्थलों पर ताजा बर्फबारी देख पर्यटकों के चेहरे खिल गए हैं। सोनमर्ग पहुंचे सैलानियों ने जादुई मौसम का जमकर आनंद लिया। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 10 दिसंबर तक मौसम में उतार चढ़ाव जारी रहेगा। उधर, लेह में शरीर को कंपकंपा देने वाली ठंड पड़ रही है।
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन और स्कीइंग स्थल गुलमर्ग में भी बर्फबारी हुई है। यहां पहुंचे पर्यटकों का कहना था कि उन्हें बर्फबारी देखने का बेसब्री से इंतजार था। लद्दाख के ऊंचे इलाकों में भी सफेद चादर बिछी है। इसके अलावा सोनमर्ग, टंगमर्ग, खिलनमर्ग, यूसमर्ग और नागमर्ग सहित अन्य पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से घाटी के तापमान में गिरावट आई है। मौसम में बदलाव से कश्मीर में तीन सप्ताह का शुष्क दौर खत्म हो गया है। इस बीच दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
शुक्रवार को श्रीनगर समेत कश्मीर के कई हिस्सों में हल्की बारिश भी हुई। श्रीनगर में 16.7 मिलीमीटर बारिश के साथ दिन का तापमान 10.0 और बीती रात का न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। काजीगुंड में बीती रात का न्यूनतम तापमान 2.2, पहलगाम में 0.5, कुपवाड़ा में 2.6, कोकरनाग में 2.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गांदरबल जिले के कंगन गुंड, कुलन, गगनगीर, सोनमर्ग और जोजीला में बारिश हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में बीकन की टीम सड़कों से बर्फ हटाने के काम में जुटी हुई है।
जम्मू में मौसम साफ रहा और यहां दिन का पारा 23.8 और बीती रात का न्यूनतम तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बनिहाल में बीती रात का न्यूनतम तापमान 5.0, बटोत में 5.3, कटड़ा में 9.6 और भद्रवाह में 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेह में शरीर को कंपकंपा देने वाली ठंड में बीती रात का न्यूनतम तापमान माइनस 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कुपवाड़ा में हिमस्खलन का खतरा
जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जेकेडीएमए) ने अगले 24 घंटे में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। कुपवाड़ा जिले में समुद्र तल से 2800 मीटर ऊपर कम खतरे के स्तर वाला हिमस्खलन होने की आशंका है। जेकेडीएमए ने संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और अगले आदेश तक हिमस्खलन-संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है।