सांबा। शहर में चार माह से जल संकट गहराया हुआ है। कई वार्डों में आठ से दस दिन बाद पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे शहरवासी काफी त्रस्त हैं। लेकिन नगर परिषद अध्यक्ष के वार्ड नंबर 12 में सातवें दिन पानी आ रहा है। लोगों का कहना है कि काश हमारा भी घर उनके वार्ड में होता तो सातवें दिन ही पानी मिल जाता। अस्थायी कर्मियों की हड़ताल के कारण समस्या बढ़ी है।
सांबा शहर को प्रतिदिन 10 लाख गैलन पानी की जरूरत है, लेकिन मौजूदा समय में 250 लाख गैलन की ही आपूर्ति हो रही है। इस कारण रोजाना 40 हजार से अधिक की आबादी को 750 लाख गैलन पानी कम मिल रहा है। जलशक्ति विभाग के टैंकर की सुविधा भी लोगों को नहीं मिल रही है। विभाग के पास सिर्फ एक ही टैंकर है, जिस कारण लोग 500 से 700 रुपये देकर निजी टैंकर से पानी मंगवाने के लिए मजबूर हैं। क्षेत्र में पानी का कोई प्राकृतिक साधन भी नहीं है, जिस कारण समस्या विकराल हो गई है।
शहर के अन्य वार्ड में आठ व दस दिन बाद पानी की आपूर्ति होने से लोगों में विभाग के खिलाफ रोष है। शहर की आबादी करीब 25 हजार है, लेकिन बाहरी राज्यों से आए लोगों के कारण यह 40 हजार के अधिक हो गई है। पानी के संसाधन कम होने के कारण दिक्कत बढ़ रही है। लोगों के अनुसार बसंतर दरिया पर एक और फिल्ट्रेशन प्लान लगाया जा रहा है, लेकिन पांच साल में सिर्फ इमारत ही बन पाई है। अभी तक मशीनरी नहीं लगने से इसे चालू नहीं किया गया है। इसकी क्षमता रोजाना की एक लाख गैलन पानी की है। अगर यह चालू हो जाए तो काफी हद तक समस्या दूर हो जाएगी।
त्रिलोका छपड़ी पर बने हौज से आधे कस्बे को पानी की आपूर्ति होती है। दो माह पूर्व उपायुक्त सांबा से भेंट कर मांग उठाई थी की यहां पर स्टैंड बाई मोटर रखी जाए। आश्वासन के बाद भी अभी तक कोई पहल नहीं हुई है। इस कारण लोगों में रोष है।
- राज सिंह, पार्षद
वार्ड मंडियों में 12 दिन बाद पानी मिल रहा है, जिससे लोग परेशान हैं। काश हम भी नगर पालिका अध्यक्ष के वार्ड में रहते तो सातवें दिन ही पानी नसीब होता।
- सुक्रीव सिंह, स्थानीय निवासी
मंडी संगवाली में पहले स्टैंड बाई पर मोटर लगाई गई थी। जब एक जल जाती थी तो दूसरी से काम चलता था। कुछ माह से विभाग की ओर से मोटर को हटा दिया गया है। ऐसे में मोटर जल जाने पर दस से 15 दिनों बाद पानी मिल रहा है। इसलिए दूसरी मोटर को फिर लगाया जाए।
- महेश्वर राज, पार्षद, मंडी संगवाली
वार्ड 12 में सात दिन बाद पानी की आपूर्ति हो रही है। डीसी को कई बार अवगत करवाया गया है। जलशक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता को भी फोन पर सूचित किया है, लेकिन अभी तक स्थिति जस के तस है। इस कारण शहर में पानी का संकट गहरा गया है।
पवन कोहली, अध्यक्ष, नगर परिषद सांबा