फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: नहरों में पानी की आपूर्ति न होने पर किया दौरा

विज्ञापन
विज्ञापन
अरनिया। सुचेतगढ़ ब्लाक के गांव व्यासपुर परलाह में बुधवार को सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर जसकरण सिंह ने क्षेत्र में नहरों में पानी की आपूर्ति न होने को लेकर दौरा किया। गांव की नहर में पानी की आपूर्ति न होने को लेकर किसानों ने जेई के समक्ष सवाल जवाब किए। इस पर जेई ने तत्काल क्षेत्र में पानी की मात्रा को बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन

गांव व्यासपुर परलाह के स्थानीय लोगों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को सिंचाई विभाग के मुख्य जिला अधिकारी के दफ्तर में नहर में पानी की समस्या को लेकर पहुंचा था। इस पर सिंचाई विभाग के जिला अधिकारी ने स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना गया था। उन्होंने तत्काल क्षेत्र के एक्सईएन, एईई, और जेई को नहर की समस्या को सुलझाने का निर्देश जारी किया था। उसी के अंतर्गत बुधवार को सिंचाई विभाग के जेई जसकरण सिंह गांव में पहुंचे थे। वहां पर तकरीबन 20 किसान इकट्ठे हुए थे। जेई के पहुंचते ही किसानों ने अपनी समस्या को उनके समक्ष रखना शुरू कर दिया। किसानों ने बताया कि उनके इलाके में नहर में पानी की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं है। नहर होने के बावजूद भी उनके खेतों में पानी की सिंचाई नहीं हो रही है। इसके चलते धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। मोटर पंप बिजली के सहारे चलते हैं। इस समय बिजली की कटौती बड़े पैमाने पर हो रही है। इसके चलते किसानों को फसल की चिंता हो रही है। जेई ने इलाके के बेलदार को तुरंत नहर की सफाई जेसीबी मशीन के जरिए करने का आदेश दिया है। किसानों को आश्वासन दिया है कि नहर में पानी की मात्रा को बढ़ा दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर लोगों ने कहा कि नहर के इर्द-गिर्द कई ऐसे गैरकानूनी मोगे बनाए गए हैं, जिसमें पानी का रिसाव बड़ी मात्रा में होता है। लोगों ने बताया कि उनके गांव की नहर में पानी न पहुंचने का मुख्य कारण यह भी है। ऊपरी क्षेत्रों के लोग मनमर्जी से नहरों से छेड़खानी करके अपने खेतों की सिंचाई कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग इसकी ओर अपना ध्यान केंद्रित करे। जो लोग सिंचाई विभाग की अवहेलना करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जेई ने कहा कि गैरकानूनी मोगे की समस्या को क्षेत्र के जिलेदार को अवगत करवाएं। उन्हें समय पर नहर के आसपास मौका देखने को कहें। उन्होंने बताया कि नहरों से संबंधित मामलों की रिपोर्ट जिलेदार ही सिंचाई विभाग को देता है। उसके बाद सिंचाई विभाग द्वारा उस रिपोर्ट पर पर कड़ी कार्रवाई की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें