2 साल से अधर में ट्यूबवेल का काम, 3.49 करोड़ की है परियोजना
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। सरकार हर घर नल योजना के तहत ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल देने के दावे कर रही है, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। कई गांवों को आज भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ऐसे ही हालात हैं पुरमंडल के गांव संगड़ के। यहां ट्यूबवेल का काम 2 साल से अधर में लटका है। इस कारण गांव में पानी की भारी किल्लत है।
पंचायत पुरमंडल के सरपंच जोगिंदर शर्मा, इल्मदीन मालिक, मखनी लाल, ओम शर्मा आदि ने बताया कि गांव में करीब 7 साल से पानी की समस्या है। जल शक्ति विभाग ने करीब ढाई साल पहले ट्यूबवेल का काम शुरू करवाया था। थोड़ा समय के लिए काम चला, लेकिन अब करीब पौने दो साल से अधर में लटका है। इससे गांव की करीब 15 सौ आबादी पानी के लिए परेशान है।
मीलों पैदल चल कर प्राकृतिक स्रोतों से पानी ला रहे लोग
लोगों ने कहा कि पहले गांव को उत्तरबहनी से जलापूर्ति होती थी। नई जल योजना का काम शुरू होने पर जल शक्ति विभाग ने गांव को आने वाली पाइप लाइन उखाड़ दी, जिससे पेयजल आपूर्ति ठप है। लोगों को मीलों पैदल चल कर प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। अशुद्ध पानी होने से बीमार होने का भी खतरा रहता है। बरसात के चलते कुओं का पानी भी पीने लायक नहीं है।
सरपंच जोगिंदर ने बताया कि गांव को पेयजल आपूर्ति के लिए 3.49 करोड़ रुपये की परियोजना है। इसके तहत नई पाइपें तो बिछा दी गई हैं, लेकिन ट्यूबवेल का काम पूरा न होने से उनको अभी जोड़ा नहीं गया है। करोड़ों रुपये की मोटरें बारिश में पड़ी-पड़ी खराब हो रही हैं। उन्होंने जिला विकास आयुक्त और उप राज्यपाल से मांग की कि निर्माणाधीन ट्यूबवेल का काम जल्द पूरा करवा पानी उपलब्ध करवाया जाए।
एईई बोले-भूमि विवाद से काम बंद, जेई ने कहा-ठेकेदार लटका रहा काम
गांव संगड़ में परियोजना के अंतर्गत बनने बाले टैंक के लिए चयनित भूमि के विवाद के चलते काम बंद पड़ा है। इस कारण निर्माण पूरा नहीं किया जा सका है।
विकर्ण महाजन, एईई सिविल, जल शक्ति विभाग
ठेकेदार के कारण प्रोजेक्ट में देरी हुई है। कई बार बोलने के बाद भी काम शुरू नहीं कर रहे हैं। अब उनको नोटिस भी दे दिया है। लगातार काम चले तो दो-तीन महीने में पूरा हो जाएगा।
साजल गुप्ता, जेई, जल शक्ति विभाग