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मकवाल के ग्रामीण आज भी प्राकृतिक स्रोंतों से प्यास बुझाने को मजबूर

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रामकोट। तहसील रामकोट की पंचायत मकवाल के लोग आज भी पानी की सुविधा से महरूम हैं। तहसील से मात्र 500 मीटर दूर होने के बावजूद धन्नी गुरगाड़ा, चिरकाबन, पल्लंग, खराडी व चंबा बाग के लोग प्राकृतिक जलस्रोंतों से प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं।
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इलाके की आबादी 500 के करीब है। बरसात के मौसम में लोगों को पीने के पानी के लिए दो-तीन किलोमीटर तक पैदल चल कर व प्रै नाला पार करके पानी लाना पड़ता है। इस कारण हादसों की संभावना बनी रहती है।
कई वर्ष पूर्व संबंधित विभाग ने पलंग इलाके में पानी का हौज बनाया था, लेकिन आजतक उस तक पानी पहुंचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। अनदेखी के कारण हौज की हालत भी बिगड़ती जा रही है। लोगों ने प्रशासन और विभाग से जल्द पेयजल आपूर्ति की सुविधा देने की अपील की है।
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इलाके में कोई हैंडपंप भी नहीं है। इस कारण लोग दूरदराज इलाकों में स्थित प्राकृतिक जलस्रोंतों से पानी ढोने को मजबूर हैं। पानी के चलते काफी समय बर्बाद हो जाता है, लेकिन आज तक विभाग कोई संज्ञान नहीं ले पाया है।
- याकूब निवासी वार्ड नौ, मकवाल पंचायत
कुछ वर्ष पहले एक पानी का हौज संबंधित विभाग ने पल्लंग में बनाया गया था, लेकिन उसके लिए पाइप आजतक नहीं बिछाई गई। अनदेखी के कारण हौज में भी दरारें आनी शुरू हो गई हैं। सरकार को लोगों की सुविधा के बारे में कदम उठाने चाहिए।
- मंजूर अली, निवासी पल्लंग
यह क्षेत्र तहसील मुख्यालय से मात्र 500 मीटर दूरी पर हैं, लेकिन यहां पर आज तक पीने के पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। इस कारण लोग परेशानियाें का सामन करने के लिए मजबूर हैं।
- कासिम दीन, निवासी गुरगाड़ा
इलाके में पानी की कमी को दूर करने के लिए भेजे प्रस्ताव मंजूर हो चुके हैं। एक माह के अंदर काम शुरू हो जाएगा। इससे उम्मीद है कि लोगों की समस्या दूर हो जाएगी।
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- सुरेंद्र सिंह, एईई, जलशक्ति विभाग बिलावर
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