जम्मू। एसटी स्टेट्स के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग ने जानबूझ कर लोगों को धार्मिक, सांप्रदायिक और सामाजिक आधार पर बांटने की कोशिश की है। इससे गुज्जर, बक्करबाल और गद्दी-सिपी समुदाय के लोग परेशान हैं। यह चेतावनी जम्मू-कश्मीर गुज्जर बक्करवाल आर्गनाइजेशन कोआर्डिनेशन कमेटी ने शुक्रवार को प्रेस क्लब जम्मू में प्रेसवार्ता में दी है। साथ ही न्यायाधीश जीडी शर्मा की अध्यक्षता में जारी हुई रिपोर्ट पर रोष जताते हुए एक नवंबर को जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन की बात कही है।
कमेटी सदस्य बशील अहमद लोन कहा कि पहाड़ी भाषी लोगों का एसटी स्टेट्स दिया जा रहा है। सरकार ने अंतिम रिपोर्ट छिपा कर रखी है। अपने अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए व्यापक आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं। अनवर चौधरी ने कहा कि हैरान करने की बात यह है कि पहाड़ी लोगों की पहचान करनी मुश्किल बात है। जुबान के आधार पर कोई भी पहाड़ी नहीं हो सकता है। ऐसा दावा करना उचित बात नहीं है। मौके पर मुश्ताक चौधरी खटाना, जमील चौधरी और इश्तिाक आदि उपस्थित रहे।