कश्मीर घाटी में जहां एक ओर शिक्षक संस्थान बिगड़े हालातों के चलते बंद पड़े हैं वहीं उन्हें अब एक और चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि इन बिगड़े हालातों के बीच पिछले करीब एक महीने के भीतर उपद्रवियों द्वारा 25 के करीब स्कूलों को आग के हवाले कर दिया गया। ये घटनाएं जहां एक ओर शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषेय है, वहीं पुलिस विभाग के लिए एक नई चुनौती। बच्चों के अभिभावक भी परेशान हैं।
इस सबको लेकर कश्मीर जोन के स्कूली शिक्षा विभाग के निदेशक एजाज अहमद का कहना है कि पिछले तीन महीनों में कश्मीर के सभी दस जिलों में या तो स्कूल जलाए हैं या उन्हें नुकसान पहुंचाया है।
आग से 10 स्कूल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 15 के करीब ऐसे स्कूल हैं, जिन्हे नुकसान पहुंचा है। इनमें दो निजी स्कूल भी हैं। सबसे ज्यादा दक्षिणी कश्मीर में 12 स्कूल जलाए, जिनमें से कुलगाम जिले में 5, अनंतनाग में 3, शोपियां में 2, पुलवामा में 2 स्कूल शामिल हैं।
निदेशक के अनुसार इन सब घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों के सीईओ को सख्ती से नजर रखने के निर्देश दिए हैं। जिन स्कूलों में नाइट वॉचमैन नहीं हैं, उनमें नई नियुक्ति करने को कहा गया। उन्होंने कहा स्कूल समाज की संपत्ति है, जिसकी रखवाली करना उनका अपना कर्त्तव्य बनता है। जिस तरह से मंदिर और मस्जिद का सम्मान किया जाता है, वैसे ही स्कूलों का भी किया जाना चाहिए।
पुलिस के अनुसार उन सभी लोगों को पहचानने और पकड़ने की कोशिश जारी है, जिन्होंने ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है। फिलहाल किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस के स्पेशल डीजी (लॉ एंड आर्डर) एसपी वेद के अनुसार सभी स्कूलों को सुरक्षा मुहैया करवाना संभव नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उनके द्वारा सभी संबंधित एसएचओ को निर्देश दिए हैं कि वह ऐसे शरारती तत्वों को दबोचें।