अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। डेंगू और चिकनगुनिया के साथ वायरल बुखार चुनौती बना है। अस्पतालों में वायरल बुखार से ठीक होने के बाद जोड़ों का दर्द और रेशेस (चकते) की समस्या लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार पीड़ितों में समस्या एक से डेढ़ महीने तक आ रही है। वायरल बुखार से अधिकांश व्यस्क पीड़ित हो रहे हैं।
कई लोगों को वायरल बुखार 6 से 14 दिन तक रह रहा है। हालांकि यह सीजनल बुखार है। आयुर्वेदिक अस्पताल जम्मू में कार्यरत डॉ. अरुण गुप्ता ने बताया कि अस्पताल की 250 की ओपीडी में 30 से 40 प्रतिशत तक मामले वायरल बुखार की बाद की समस्या वाले आ रहे हैं। पीड़ितों को 103 या इससे अधिक तक बुखार है। शुरुआती लक्षणों में शरीर में दर्द जो बाद में बुखार की शक्ल ले लेता है। खासतौर पर जो लोग घरों में बिना डॉक्टरी परामर्श और सेल्फ मेडिकेशन से उपचार ले रहे हैं, उन्हें अधिक दिक्कत आनेका खतरा है। वायरल बुखार में शरीर में रक्तवाहिनी में खून का रिसाव होने लगता है, जिससे जोड़ों का दर्द, सूजन आदि की समस्या आती है। इसके निदान के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में बेहतर उपचार है। इसमें गलोए, सोंठ और तुलसी का काढ़ा, दर्द निवारक के लिए गूगल, अशवगंदा, शीलाजीत, चवणप्रवाश आदि का सेवन किया जाता है।
यह उपाय करें - सामान्य से अधिक तरल पदार्थ लें जैसे ओआरएस, फलों का रस, सब्जियों का सूप आदि। अधिक दौड़ धूप न करें। जोड़ों के दर्द का समय पर उपचार न करने से गठिया की आशंका रहती है। शरीर पर अधिक दबाव बनाने से हार्ट अटैक का खतरा। बिना डॉक्टरी परामर्श दर्द निवारक दवाएं न लें, ये पेट और किडनी पर प्रभाव डालती हैं।
डेंगू के 30 केस आए
जम्मू। जम्मू कश्मीर में मौसम में बदलाव के बावजूद डेंगू का डंक जारी है। सोमवार को प्रदेश में 66 नए मामलों के साथ आंकड़ा 3594 पहुंच गया। जम्मू में 30 मामले मिले। इसी तरह उधमपुर में 17, सांबा में 2, कठुआ में 8, रियासी में 6, डोडा, कश्मीर और अन्य राज्य से 1-1 मामला मिला है। अब तक चार मरीजों की आधिकारिक तौर पर मौत हो चुकी है, जिसमें तीन उधमपुर और एक कठुआ निवासी है। हालांकि कठुआ निवासी युवा मूल रूप से बिहार का था। ब्यूरो