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Jammu News: रिश्तों का नेटवर्क तोड़ रही 30 सेकंड की रील, मोबाइल पर ज्यादा समय बिताना बन रहा महिला हिंसा का कारण

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस 25 नवंबर को है। अब समय के साथ महिला हिंसा की प्रवृति बदल रही है। आधुनिक युग में 30 सेकंड की रील रीयल लाइफ को प्रभावित कर रही है। रिश्तों में दरार से शुरू होकर घटनाएं मारपीट तक पहुंच रही हैं। दहेज, शारीरिक, यौन और मानसिक प्रताड़ना जहां बड़ी समस्या है वहीं, महिलाओं का ज्यादा समय तक मोबाइल चलाना, सोशल मीडिया पर रील डालना और एक्सट्रा मैरिटल अफेयर हिंसा के अहम कारण के रूप में उभर रहे हैं। गांधीनगर महिला पुलिस थाने में ऐसी शिकायतें दर्ज हो रही हैं। इस साल अब तक 1239 शिकायतें आई हैं। इनमें अधिकांश एक्सट्रा मैरिटल अफेयर है, जबकि सोशल मीडिया पर महिला की फोटो और रील डालना भी बड़ा कारण है। इसके अलावा छोटे या अधिक फैशन वाले कपड़े पहनना, शरीर पर टैटू बनाने से संबंधित मामले हैं। हालांकि 879 केसों का निपटारा किया जा चुका है।
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2022 में महिला पुलिस थाना में 1404 मामले दर्ज हुए थे, जिसमें 1387 का निपटारा किया गया था। एसएचओ कीर्ति शर्मा ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध की प्रवृति में बदलाव आया है। अब पति, सास द्वारा मारपीट अन्य भावनात्मक हिंसा से जुड़ीं शिकायतों से ज्यादा एक्सट्रा मैरिटल अफेयर के मामलों में वृद्धि हुई है। साथ ही रील का क्रेज भी रिश्तों में खटास भर रहा है। महिला के पहनावे के साथ शरीर पर टैटू बनाने पर होने वाली मारपीट या बहसबाजी के मामले में भी सामने आ रहे हैं। इसका कारण मोबाइल फोन बन रहा है। अधिकांश मामलों में दोनों पक्षों की काउंसलिंग से सुलझाया जा रहा है ताकि घर टूटने से बच जाएं। उन्होंने कहा कि शहरी इलाकों से पहनावे या सोशल मीडिया के उपयोग से संबंधित शिकायतें ज्यादा आ रही हैं। उधर, नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे 2019-21 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 10 प्रतिशत महिलाएं शारीरिक हिंसा व यौन हिंसा का शिकार हैं जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब में 11.6 प्रतिशत और हिमाचल में 8.6 प्रतिशत महिलाएं हैं।
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