पहले 13 वार्ड के लिए लगाए गए थे पांच सफाई वाहन
परिसीमन के बाद बढ़ाया गया नगर परिषद का दायरा, वाहन नहीं बढ़े
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। नगर परिषद में वाहनों की कमी से वार्डों में सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई है। पहले कस्बे की 13 वार्ड थी पांच वाहन थे, परिसीमन के बाद नगर परिषद का दायरा बढ़ाया गया। इसमें कस्बे की मंडियों को नगर परिषद के दायरे में लाया गया। मंडियों के लोगों को लगने लगा था कि पंचायतों के बदले नगर परिषद में उनकी मंडियों का अधिक विकास होगा। कस्बे की नगर परिषद की 17 वार्ड बनाई गई। मगर वाहनों व कर्मचारियों की संख्या को नहीं बढ़ाया गया।
मौजूदा समय में भी नगर परिषद के पास पांच वाहन ही हैं। नप में 110 सफाई कर्मचारियों के बदले 33 कर्मचारी ही हैं। कस्बे की नई वार्ड में आज भी साफ सफाई के सुचारु नहीं होने से लोगों में रोष बना हुआ है।
वार्ड 12 की गलियों व नालियों के साथ एक बड़ा नाला है। इसमें गंदगी का आलम रहता है। बरसात से पहले नाले की सफाई करवाई जाती थी। नगर परिषद के पास वाहनों की कमी के चलते सफाई भी सुचारू नहीं हो पा रही है।
बाबू तारा चंद
वार्ड 12 सांबा
कस्बे की मंडियों को नगर परिषद के दायरे में लाए जाने से वह खुश हुए थे, मगर अब सफाई व्यवस्था के सुचारू नहीं होने से लोगों में रोष है। मंडियों में गंदगी बनी रहती है। नगर परिषद के अधिकारी वाहनों व कर्मचारियों की कमी का बहाना बना देते हैं।
अजात शत्रु सिंह
मंडी संगवाली सांबा।
कस्बे के पुराने बाजारों में आज भी नालियों में गंदगी देखी जा सकती है। साजिश के तहत सांबा को न तो नए वाहन दिए जा रहे हैं और न ही सफाई कर्मचारियों को बढ़ाया जा रहा है। इस कारण कस्बे में सफाई की समस्या बनी हुई है।
अरूण खजुरिया
चोहाटा चौक सांबा।
जब कस्बे में नगर पालिका थी तो 13 वार्ड थे उस समय पांच वाहन हुआ करते थे। बाद में दो वाहन नए खरीदे गए। अब नगर परिषद बनने पर के बाद 17 वार्ड हैं, लेकिन वाहनों की संख्या को नहीं बढ़ाया गया है। इस कारण कस्बे में साफ-सफाई की समस्या बनी हुई है।
नगर परिषद के पास वाहनों की कमी है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। यही नहीं उनके पास सफाई कर्मचारियों की भी कमी है। इस कारण नई वार्ड में सफाई की समस्या है।
वरिंदर पाल सिंह
सीईओ नगर परिषद सांबा।