संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। हांगझोऊ एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीत कर लौटीं शीतल देवी और राकेश कुमार पहली बार जम्मू में चल रही तीन दिवसीय जम्मू-कश्मीर यूटी तीरंदाजी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पहुंचे। उनसे मिलने और प्रतिभा देखने के लिए गांधीनगर की ग्रीन फील्ड ग्राउंड में बड़ी संख्या में लोग आए। सभी खिलाड़ियों, कोचों और लोगों ने तालियों के साथ होनहारों का स्वागत किया। इस दौरान अमर उजाला की ओर से पैरा तीरंदाज शीतल देवी और राकेश कुमार को सम्मानित किया गया।
पहली बार दोनों अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजों को आंखों के सामने निशाना लगाते देखना सभी के लिए रोमांचक था। धूप में चेहरे पर सौम्य भाव और आंखों में लक्ष्य लिए जब शीतल ने पैरों से धनुष उठाया और दांतों से प्रत्यंचा चढ़ाया तो निगाहें थम गईं। शीतल की कमान से निकला तीर सीधे स्वर्ण पर लगा। तालियों की गड़गड़ाहट से सभी ने प्रतिभा को सराहा।
शीतल और राकेश ने युवा तीरंदाजों को प्रेरित किया। शीतल ने खूब मेहनत करने की सलाह दी। कहा कि लक्ष्य के प्रति ईमानदार और अनुशासित रहें। एशियाई पैरा खेलों के अनुभव पर शीतल ने कहा कि उस समय बस लक्ष्य दिख रहा था। स्वर्ण जीतने की सोच नहीं थी। कामयाबी का श्रेय कोच, माता-पिता और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को देते हुए शीतल ने कहा कि शुरुआत में यह सब आसान नहीं था। मगर कोच ने हौसला दिया और कहा कि तुम कर सकती हो।
सफल मंत्र... किसी की तरह बनने की कोशिश न करें
राकेश ने कहा कि कभी भी किसी की तरह बनने की कोशिश न करें। हर इंसान अलग होता है और अलग प्रतिभा होती है। खुद को हमेशा लक्ष्य के लिए प्रेरित करें। सभी को खेलों में हिस्सा लेना चाहिए, क्योंकि अनुशासन सीखने में मदद मिलती है। अगर अनुशासित हैं तो सफल हो सकते हैं। कोच अभिलाषा चौधरी ने कहा कि गौरवान्वित महसूस करती हूं। शीतल की सफलता ने सभी को प्रेरित किया है। कई बार कोच होने के नाते खिलाड़ियों को अनुशासित रखने के लिए सख्त होना पड़ता है। वहीं, जम्मू-कश्मीर तीरंदाजी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम ठाकुर ने अमर उजाला की सराहना करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलता है। महासचिव सुनील शर्मा ने कहा कि शीतल की सफलता ने युवाओं को तीरंदाजी के प्रति आकर्षित किया है। पहले जहां 10 बच्चे थे, वहीं अब 70 हो गए। शीतल और राकेश युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं।
तीरंदाजी प्रतियोगिता के अंतिम दिन पदकों से सम्मान
पैरा तीरंदाज शीतल देवी और राकेश कुमार ने तीन दिवसीय जम्मू-कश्मीर यूटी तीरंदाजी प्रतियोगिता के अंतिम दिन स्वर्ण पर निशाने साधे। शीतल ने विभिन्न स्पर्धाओं में चार तो राकेश ने दो स्वर्ण जीते। ग्रीन फील्ड ग्राउंड गांधीनगर में आयोजित चैंपियनशिप में प्रदेश भर के लगभग 150 तीरंदाजों ने भाग लिया। शीतल कुमारी, राकेश कुमार और कोच अभिलाषा चौधरी को पैरा एशियाई खेलों में उपलब्धि के लिए नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
राकेश कुमार व नक्षम सिंह को दो, विनोद सिंह ने एक स्वर्ण, विनोद को दो स्वर्ण और एक कांस्य, प्रणव स्वर्ण, रजत और कांस्य, विशाल को स्वर्ण, जयवर्धन सिंह ने स्वर्ण, कृष्णा ने स्वर्ण और रजत, भृगु ने स्वर्ण, नितिन ने स्वर्ण, आकाश ने स्वर्ण, दो रजत, अभिनव ने दो रजत, रितिक शर्मा ने दो रजत, पारिव खजूरिया ने दो रजत, भवानी ने दो रजत, दो कांस्य, मनप्रीत ने एक रजत, ओमकारा ने एक रजत, दो कांस्य, अर्शित, बलराम, दिव्यांश, दानिश, ऋषित, सलमान खान ने एक-एक कांस्य पदक जीता जबकि अमित ठाकुर और तक्ष को दो कांस्य पदक मिले।
लड़कियों में शीतल ने चार स्वर्ण, उषा ने एक स्वर्ण, उषा देवी ने एक स्वर्ण, एक कांस्य, काजल वर्मा ने दो स्वर्ण, रजत, कांस्य, भव्या ने स्वर्ण, दो रजत, मंजू राधिका ने स्वर्ण, मान्या ने स्वर्ण, रजत, कांस्य, सुनैना ने स्वर्ण, आरती देवी और सोवेंदना ने एक-एक रजत, सिमी शर्मा ने दो रजत, रीता देवी, दीपा, अंजली ने दो-दो कांस्य पदक जीते, जबकि स्मृति, अनु, अनामिका, शिखा और अंतर्या ने एक-एक कांस्य पदक जीता।