जम्मू-कश्मीर में हुए उरी हमलों पर आधारित फिल्म उरी के ट्रेलर को निर्माता ने सोशल प्लेटफॉर्म से हटाकर 13 सेकंड का हिस्सा काटकर सोमवार को दोबारा से रिलीज किया है। यह वह हिस्सा है जिसमें कहा गया था, 'अपनी 72 हूरों को हमारा सलाम बोलना! कहना दावत पर हमारा इंतजार करें और भी बहुत सारे भेजने वाले हैं।' यह हिस्सा निर्माता द्वारा क्यों हटाया गया इसका अभी तक खुलासा नहीं हुआ है।
यह फिल्म नए साल में 11 जनवरी को रिलीज हो रही है। ट्रेलर की कैच लाइन है, ये नया हिंदुस्तान है, ये घर में घुसेगा भी और मारेगा भी। परेश रावल की सर्द आवाज और परदे पर एनएसए जैसे दिखते खुद परेश रावल। माना जा रहा है कि निर्माताओं ने 72 हूरों वाली बात धार्मिक मुद्दा न बन जाने के नजरिए से हटाई है।
18 सितंबर 2016 को भारतीय सेना के कैंप पर पाकिस्तान की तरफ से आए आतंकवादियों के इस हमले का बदला लेने के लिए की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर बनी है फिल्म उरी। ट्रेलर दमदार है, इसमें दो राय नहीं। सीने को 56 इंच तक फुलाने की कोशिश भी करता है। विकी कौशल के चेहरे पर सर्जिकल स्ट्राइक लीड करने वाले अफसर का दम दिखता है।
कथानक दुरुस्त और खत्म होते-होते ये ट्रेलर फिल्म की मंशा भी साफ कर जाता है। राहत इंदौरी जब लिखते हैं, सरहदों पर बहुत तनाव है क्या, कुछ पता तो करो चुनाव है क्या। तो वह गलत नहीं लिखते हैं। जब भी चुनाव आता है तो तनाव ही लाता है। साल 2019 के शुरुआती दिनों में ऐसी तमाम फिल्में रिलीज होने वाली हैं, जो दर्शकों में देशभक्ति का नया जोश भरेंगी। पाकिस्तान की करतूतों का पर्दाफाश करेंगी और भगवा ब्रिगेड का परचम लहराएंगी।
जॉन अब्राहम की परमाणु ने एजेंडा सेट किया था अब उरी इसको आगे बढ़ाने आ रही है। देश के जियाले फौजियों की कहानियां हमेशा से हिंदी सिनेमा के दर्शकों को भाती रही हैं। हकीकत से लेकर बॉर्डर तक सबको खूब प्यार मिला। उरी की कोशिश भी यही है।