प्रदर्शनकारियों ने बताया कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी के मुताबिक 6 साल के बच्चे को ही पहली कक्षा में दाखिला मिलेगा, जबकि कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जिन के दो या तीन महीने ही बकाया रहते हैं छब साल पूरे होने को और ऐसे में उन्हें एक साल का नुकसान झेलना पड़ेगा
न्यू एजूकेशन पॉलिसी के तहत छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को पहली कक्षा में एडमिशन नहीं मिलने से परेशान अभिभावकों ने सोमवार को उधमपुर शहर के वीनस चौक इलाके में शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने कहा कि शिक्षा विभाग न्यू एजूकेशन पॉलिसी के नाम पर उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। सरकार को इसको लेकर कुछ विचार करना चाहिए।
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अभिभावकों ने कहा कि जब पांच वर्ष की अधिक आयु के बच्चों की पहली कक्षा में एडमिशन के लिए सरकारी व निजी स्कूलों में जा रहे हैं तो स्कूलों में इन बच्चों की एडमिशन नहीं की जा रही है और फिर निराश होकर घरों को लौटना पड़ रहा है। सोमवार को भी कई अभिभावक बच्चों की एडमिशन के लिए स्कूलों में पहुंचे तो एडमिशन नहीं मिलने से परेशान होकर सभी ने मिलकर वीनस चौक इलाके में सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान सुषमा देवी, अंशु देवी व अन्य महिलाओं ने बताया कि उनके बच्चों की उम्र पांच वर्ष और महीने की है और तीन महीने के बाद छह वर्ष पूरे हो जाएंगे। लेकिन स्कूलों में उनकी एडमिशन नहीं की जा रही है। स्कूल प्रबंधकों का कहना है कि सरकार की तरफ से तैयार न्यू एजूकेशन पालिसी के तहत वह केवल छह वर्ष से या फिर उससे अधिक आयु के बच्चों को ही पहली कक्षा में एडमिशन दे सकते हैं। एक अप्रैल 2023 तक चाहे किसी के बच्चे की उम्र पांच वर्ष और 11 महीने की क्यूं न हो उसको पहली कक्षा में एडमिशन नहीं दी जा सकती है। छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को केवल यूकेजी कक्षा में ही एडमिशन मिल सकती है।