सीरियल ब्लास्ट के मामले को सुलझाने के लिए एनआईए ने वीरवार दोपहर को ब्लास्ट सीन एक्सपर्ट की टीम के साथ दोनों बसों का निरीक्षण किया, और कई सबूत जुटाए। ब्लास्ट सीन एक्सपर्ट टीम में कुछ फॉरेंसिक के कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी रखे गए हैं। इस टीम की सलाथिया चौक बम धमाके और कटड़ा बम धमाके के मामलों को सुलझाने में भी अहम भूमिका थी।
उधमपुर में करीब छह महीने पहले सलाथिया चौक पर हुए बम धमाके के मामले को सुलझाने में एनआईए ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसमें ब्लास्ट सीन एक्सपर्ट का योगदान भी अहम था। इसके बाद कटड़ा में हुए धमाके में भी ब्लास्ट सीन एक्सपर्ट का योगदान था। एक बार फिर से एनआईए ने ब्लास्ट सीन एक्सपर्ट का सहारा लिया है।
दोपहर को जब एनआईए की टीम शहर के दोमेल इलाके पहुंची तो एसएसपी राजीव पांडे ने ब्लास्ट एक्सपर्ट टीम के साथ बस में मामले की पूरी जांच की। एक एक पहलू पर चर्चा की गई और कुछ सैंपल भी जुटाए। इसके बाद यह टीम बस अड्डे पर पहुंची और जांच की।
सूत्रों के अनुसार ब्लास्ट एक्सपर्ट की टीम ने ब्लास्ट के मामलों को सुलझाने में बहुत योगदान दिया है। इनकी तरफ से जांच को दिशा दी जाती है और पुलिस इसी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाती है। सूत्रों के अनुसार इस मामले की जांच एनआईए को भी सौंपी जा सकती है।
आतंकियों से टाइमर सेट करने में गलती हुई होगी
उधमपुर जिले में हुए सीरियल ब्लास्ट में पुलिस ने टाइमर लगे होने की संभावना जताई है, लेकिन पुलिस के लिए एक सवाल चुनौती बना हुआ है कि आखिर दोनों धमाके उस समय क्यों हुए जब लोग घरों में थे। संभावना है कि आतंकियों से टाइमर सेट करने में गलती लगी होगी।
पहला धमाका रात करीब साढ़े 10 बजे दोमेल में हुआ। इसमें टाइमर की सेटिंग पीएम की थी। उस समय न के बराबर लोग घरों से बाहर होते हैं। अगर यह समय एएम होता तो भारी जानमाल का नुकसान होता, क्योंकि उस समय बसें खचाखच भरी होती हैं।
वहीं, दूसरा धमाका सुबह 5.42 बजे हुआ। यह बस शाम 5.42 बजे रामनगर से लौटकर उधमपुर बस अड्डे पर खड़ी होती है, और आसपास यात्री होते हैं। यदि यह धमाका शाम को होता तो इसमें भी बहुत नुकसान हो सकता था।