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Jammu News: डोडा में तीन दशक से फरार और दो आतंकी गिरफ्तार, अब तक 10 भगोड़े चढ़े हत्थे

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डोडा। तीन दशक से फरार दो और आतंकियों को एसआईए ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने पाकिस्तान में हथियारों की ट्रेनिंग ली थी। नब्बे के दशक में डोडा में आतंकवाद में दोनों की सक्रिय भागीदारी रही है। पिछले तीन दिन में डोडा में 10 भगोड़े आतंकियों को गिरफ्तार करने में सफलता हाथ लगी है। पकड़े गए भगोड़े आतंकियों में से ज्यादातर डोडा के रहने वाले हैं। इस बीच डीजीपी दिलबाग सिंह ने दावा किया है कि जम्मू कश्मीर में आतंकी घटनाओं में जबरदस्त कमी आई है। साथ ही सक्रिय आतंकियों की संख्या भी अब तक सबसे कम स्तर पर है। हम बचे हुए आतंकवाद को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं।
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पकड़े गए दोनों आतंकियों की शिनाख्त घाट गांव निवासी फिरदौस अहमद वानी व भारत गांव के खुर्शीद अहमद मलिक के रूप में हुई है। एसआईए की ओर से जम्मू कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाने की दिशा में भगोड़े आतंकियों को चिह्नित करने तथा उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का विशेष अभियान चलाया गया है ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। एसआईए ने आतंकवाद की 327 घटनाओं में शामिल रहे 734 भगोड़े आतंकियों की जानकारी हासिल की है। इनमें 417 कश्मीर और 317 जम्मू के हैं। अब तक इनमें से 369 आतंकियों की शिनाख्त की जा चुकी है। इनमें 215 जम्मू व 154 कश्मीर के हैं। जिन आतंकियों की शिनाख्त हुई है उनमें 80 की मौत हो चुकी है। 45 आतंकी पाकिस्तान तथा पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में रह रहे हैं। चार जेल की सलाखों के पीछे हैं।

सोपोर अब आतंकवाद मुक्त
सोपोर में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि सोपोर कभी आतंकवाद के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह आतंकवाद मुक्त है। आज यहां हर जगह व्यापार फल-फूल रहा है। सड़कों पर शांति कायम है और लोगों के चेहरों पर मुस्कान है। हमें इस बात पर गर्व होना चाहिए कि जम्मू कश्मीर धीरे धीरे आतंकवाद मुक्त की ओर बढ़ रहा है। सुरक्षा बलों की अगली चुनौती नशा तस्करी तथा नशे के दुरुपयोग से पनप रहे आतंकवाद से निपटने की होगी। हम इसके खिलाफ उसी ताकत से लड़ेंगे और जम्मू कश्मीर को आतंकवाद मुक्त और नशा मुक्त करेंगे। पंचायत चुनाव के विषय में पूछे जाने पर कहा कि सुरक्षा के जो भी प्रबंध होंगे वह सब पूरे किए जाएंगे। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं होगी। जब भी चुनाव होंगे, पुलिस सुचारू मतदान सुनिश्चित करेगी।
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सिख समुदाय से जुड़ी दोनों घटनाओं का पुलिस ने लिया है संज्ञान
बारामुला और त्राल में सिख समुदाय के सदस्यों के मृत पाए जाने की दो घटनाओं के बारे में पूछे जाने पर डीजीपी ने कहा कि ऐसी घटनाएं सामान्य हैं। पुलिस ने दोनों घटनाओं का संज्ञान लिया है और चिंता की कोई बात नहीं है। एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। बारामुला के सिख समुदाय के सदस्य की मौत का मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। पंचायत चुनाव की तैयारियों पर डीजीपी ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं लागू हैं।
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