जम्मू-कश्मीर में बिजली क्षेत्र में पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र की योजनाओं खासतौर से स्मार्ट मीटर लगाने के काम के लिए दो केंद्रीय एजेंसियों पावर ग्रिड कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) और आरईसी पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आरईसीपीडीसीएल और पीजीसीआईएल परियोजना एजेंसी
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई। प्रशासनिक परिषद ने जम्मू पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड और कश्मीर पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड को अधिकृत किया है कि वह आरडीएसएस के अंतर्गत स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य में दो केंद्रीय एजेंसियों आरईसीपीडीसीएल और पीजीसीआईएल को परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी बनाए।
उपभोक्ताओं को होगा फायदा
इस फैसले का उद्देश्य जम्मू कश्मीर में उपभोक्ताओं को गुणवत्ता पर आधारित बिजली आपूर्ति और वित्तीय तौर पर सतत और सक्षम विद्युत वितरण क्षेत्र तैयार करना है। इससे 2025 तक बिजली क्षेत्र में ट्रांसमिशन लॉस को 12 से 15 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य भी रखा गया है ताकि बिजली विभाग वित्तीय और कार्य के तौर पर सक्षम बने।
- बिजली क्षेत्र में पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र की योजनाओं शर्तों के आधार पर डिस्काम को बिजली ढांचा मजबूत करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
सौ फीसदी स्मार्ट प्री पेड मीटर लगाने का लक्ष्य
इस फैसले का उद्देश्य सौ फीसदी स्मार्ट प्री पेड उपभोक्ता मीटर लगाने का कार्य पूरा करना भी रहेगा। बैठक में उपराज्यपाल के सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव नीतीश्वर कुमार भी मौजूद रहे।