-अरनिया के कूल खुर्द के लोग ट्यूबवेल खराब होने से पानी खरीदने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। क्षेत्र के गांव कूल खुर्द में ट्यूबवेल पिछले 6 महीने से बंद पड़ा हुआ है, लेकिन जल शक्ति विभाग समस्या का समाधान नहीं कर रहा। जल शक्ति विभाग का सिविल विंग मैकेनिकल विंग को कसूरवार ठहरा रहा है, तो मैकेनिकल विंग ग्राउंडवाटर विंग को दोषी ठहरा रहा है। जल शक्ति विभाग के तीनों विंग के आपसी तालमेल की गड़बड़ी के चलते लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
ट्यूबवेल खराब रहने के चलते पिछले 6 महीने से लोगों के घरों में पानी आपूर्ति नहीं हो रही है। लोग मजबूर होकर हैंडपंप से या पानी खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सिविल विंग की तरफ से मैकेनिकल विंग को चिट्ठी लिखी गई है कि ट्यूबवेल के पैनल और स्टेबलाइजर में तकनीकी खराबी है। जलशक्ति विभाग का मैकेनिकल विंग ग्राउंडवाटर को चिट्ठी लिख रहा है कि ट्यूबवेल से रेत आ रही है। जिसके चलते ट्यूबवेल की री डेवलपमेंट करना जरूरी है। ग्राउंडवाटर विभाग का कहना है कि अभी तक उनके पास कोई चिट्ठी नहीं पहुंची है। जब उनके पास समस्या आएगी, तो उसको तत्काल हल कर दिया जाएगा। परंतु अभी तक ट्यूबवेल को सुचारु करने के लिए किसी विंग ने जिम्मेवारी नहीं ली है। जलशक्ति विभाग की लापरवाही से लोगों को भीषण गर्मी में पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
इस मुद्दे पर जल शक्ति विभाग के मैकेनिकल विंग के एक्सईएन कुलवंत सिंह चिब ने कहा कि ग्राउंडवाटर विंग को ट्यूबवेल में रेत आने को लेकर री डेवलपमेंट के लिए कहा गया है, लेकिन अभी तक री डेवलपमेंट नहीं हो पाई है। पैनल और स्टेबलाइजर की तकनीकी खराबी को वह जल्द ठीक करवा देंगे।
इस मुद्दे पर ग्राउंडवाटर विंग के एक्सईएन राकेश भट्टी ने कहा कि री डेवलपमेंट के लिए किसी प्रकार की चिट्ठी उनके पास नहीं पहुंची है। जैसे ही उन्हें ट्यूबवेल की री डेवलपमेंट के लिए कहा जाएगा। वह तुरंत उसे पर कार्रवाई करेंगे।
इस मुद्दे पर जलशक्ति विभाग के सिविल विंग के एक्सईएन आशीष शर्मा ने कहा कि बंद पड़े ट्यूबवेल की री डेवलपमेंट होनी है। जिसके लिए ग्राउंडवाटर विंग और चीफ इंजीनियर को भी लिखकर भेज दिया है। री डेवलपमेंट होने के बाद ही ट्यूबवेल सुचारू होगा।