जम्मू। कश्मीर घाटी के शरीफाबाद में ''शलाटेंग की लड़ाई'' की 77वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सेना की किलो फोर्स की तरफ से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व सैनिक रैली भी निकाली गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों ने भाग लिया। साथ ही वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी गई।
इसके अतिरिक्त कारगिल विजय दिवस का रजत जयंती महोत्सव भी मनाया गया, जो 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की जीत का प्रतीक है। यह दिवस सशस्त्र बलों की अदम्य भावना और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। रैली में कारगिल युद्ध को समर्पित विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद विशेष अतिथि भाषण, ऑपरेशन विजय में भाग लेने वाले बहादुर योद्धाओं को याद किया गया। शरीफाबाद में शालटेंग युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि समारोह भी आयोजित किया गया।
रैली का उद्देश्य पूर्व सैनिकों को सेवारत सैन्य कर्मियों, ईएसएम संगठनों, सरकारी अधिकारियों और जनता के साथ एकजुट करना था ताकि पूर्व सैनिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझा जा सके और उनका समाधान किया जा सके। इसके अलावा रोजगार के आगे के अवसरों और विभिन्न गतिविधियों में उनके योगदान के रास्ते पर भी प्रकाश डाला गया। जीओसी ''किलो'' फोर्स ने सशस्त्र बलों के बलिदान और बहादुरी को श्रद्धांजलि अर्पित की।