पर्यटन दिवस पर विशेष
संवाद न्यूूज एजेंसी
अखनूर। कस्बे के चिनाब दरिया के किनारे सैरगाह बनाने के दूसरे चरण का कार्य छह वर्षों से अधूरा होने के कारण चिनाब दरिया के किनारे तीन किलोमीटर सैरगाह बनाने का सपना बना हुआ है। जियो पोता घाट से ब्रूटा मंडी घाट तक दूसरे चरण के लिए 2016 में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से करीब डेढ़ किलोमीटर तक सैरगाह बनाने का काम शुरू हुआ था, जिसमें दरिया के किनारे डेढ़ किलोमीटर पैदल सैरगाह और प्रपात नहर के मुहाने पर एक छोटा पुल बनाने की योजना थी। जिया पोता घाट से नहर के मुहाने तक निर्माण कार्य हुआ भी था, मगर इसके छह सालों बाद भी कार्य शुरू नहीं होने पर सैरगाह का कार्य पूरा होना अब तक एक सपना बन चुका है। अखनूर शहर के चिनाब दरिया में हर वर्ष हजारों पर्यटक आते हैं, मगर सैरगाह का एक हिस्सा तैयार और दूसरा छह वर्षों से कार्य बंद होने पर निराश होना पड़ता है।
सनद रहे कि वर्ष 2005 में सांसद मदन लाल शर्मा और उनके छोटे भाई विधायक शाम लाल शर्मा की देखरेख में स्टील ब्रिज से ब्रूटा मंडी तक तीन किलोमीटर सैरगाह बनाने की मंजूरी केंद्र सरकार से मिली थी, जिस पर प्रथम चरण में कस्बे के चिनाब दरिया के जिया पोता घाट से स्टील ब्रिज तक सैरगाह का सौंदर्यीकरण किया गया। इसके बाद दूसरे चरण के लिए जिया पोता घाट से ब्रूटा मंडी तक 2016 को निर्माण शुरू होने के बाद घाट पर कुछ निर्माण कार्य शुरू हुआ, मगर इसके उपरांत आगे काम बंद होने के बाद छह साल बाद भी शुरू नहीं हो सका है।
स्थानीय निवासी रमेश चंद्र ने बताया चिनाब दरिया के किनारे प्रथम चरण में सैरगाह का सौदर्यीकरण निर्माण कार्य हुआ है, मगर दूसरे चरण का कार्य बंद होने पर जो चिनाब दरिया को पहचान मिलनी चाहिए वह नहीं मिल सकी। उन्होंने बताया कि हर साल हजारों पर्यटक आते हैं, मगर कुछ हिस्से का निर्माण नही होने पर निराशा होते हैं।
पवन कुमार ने बताया कस्बे के चिनाब दरिया के स्टील ब्रिज तक तीन किलोमीटर सैरगाह का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने क्षेत्र का विकास बंद है। सरकार को चाहिए सैरगाह का निर्माण कार्य छह वर्षों से बंद है, उसे जल्द-जल्द शुरू किया जाए।
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सैरगाह के आगे निर्माण फंड आने पर शुरू किया जाएगा।
-अखिल सढौत्रा, एसडीएम