जोरदार बारिश के बाद कुछ इलाकों में आई बाढ़ लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। हरी सब्जियों की कीमतों में लगातार तेजी कायम है। 15 जुलाई के बाद स्थानीय स्तर पर टमाटर की कुछ आवक होने के चलते फुटकर बाजार में यह 200 रुपये प्रति किलो से गिरकर 100 से 125 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गया था, लेकिन अब फिर दोबारा से दाम बढ़ रहे हैं।
बारिश में कमी आने के बाद भी टमाटर और सब्जियों के दाम कम नहीं हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक जम्मू कश्मीर के कई मार्गों में आवागमन बाधित होने से सब्जी सहित अन्य सामानों की आवक नहीं हो पा रही है। ऐसे में फुटकर बाजार में टमाटर की कीमतें 200 रुपये के पार तक पहुंच गई हैं।
जम्मू शहर में टमाटर 200 रुपये प्रति किलो तक भी बिका, क्योंकि थोक में भी टमाटर के दाम 150 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गए हैं। गृहणी सुषमा, अनामिका का कहना है कि टमाटर के साथ अदरक, धनिया और मिर्च के दाम भी आसमान छू रहे हैं। ऐसे में रसोई का बजट बिगड़ गया है। टमाटर तो बीते एक महीने में एक से दो दिन ही घर आया हाेगा। इसके अलावा अन्य सब्जियां भी महंगी होने से कम ही आ रही हैं। घर चलाना मुश्किल हो रहा है।
नरवाल मंडी में सब्जियों के थोक विक्रेता मन्नू पुरी का कहना है कि इस बार सब्जी मंडी में भी कीमतें काफी ज्यादा हैं। कई बार सब्जी खरीदते वक्त डर लगता है कि अगर इतनी महंगी सब्जी नहीं बिकेगी तो भारी नुकसान होगा, क्योंकि अच्छी गुणवत्ता वाला टमाटर मंडी में भी 140-150 रुपये किलो के आसपास मिलता है। 25 किलोग्राम की कैरट आती है, जिसमें से एक दो किलो टमाटर खराब भी निकल जाता है। अब महंगा टमाटर तीन से चार दिन में नहीं बिकता है तो उससे घाटा होता है। इसलिए फुटकर व्यापारी सारी चीज का आकलन करने के बाद सब्जी की कीमतें निर्धारित करते हैं।
रविवार को बाजार की स्थिति
सब्जी मंडी थोक दाम फुटकर दाम
- टमाटर 130-150 180-200
- शिमला मिर्च 100-130 180-200
- फूल गोभी 90-100 150-170
- तोरई 25-35 50-70
- लौकी 25-35 50-60
- बैंगन 40-50 80-90
दूसरी सब्जियों के दाम भी आसमान पर
महंगाई के मामले में दूसरी सब्जियां भी टमाटर को टक्कर दे रही हैं। इनमें शिमला मिर्च, फूल गोभी सबसे आगे हैं, जिनकी कीमतें 150 रुपये प्रति किलोग्राम या उससे अधिक है। बाकी आलू को छोड़ दिया जाए तो दूसरी सब्जियां भी 50 रुपये प्रतिकिलो से पार हैं।