जम्मू। देश के उत्तर पश्चिम क्षेत्र के कमजोर तबके को पेश आने वाली चुनौतियों पर मंथन होगा। जम्मू विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के युवा शोधकर्ता इस पर अपना शोध पत्र पेश करेंगे। चंडीगढ़ स्थित भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद कार्यालय के सहयोग से समाजशास्त्र विभाग जम्मू विश्वविद्यालय में 18-19 मार्च को राष्ट्रीय सम्मेलन करने जा रहा है। इसमें उत्तर पश्चिम के लोगों को पेश आने वाली चुनौतियों पर चर्चा होगी।
कमजोर तबके पर कोविड महामारी के असर, सामाजिक असमानता, इनके समावेशी विकास, इनके मुद्दों और चिंताओं को हल करने आदि पर सम्मेलन में शोधकर्ता अपना शोध पत्र पेश करेंगे। युवा शोधकर्ताओं को इनमें से किसी एक विषय पर अपना शोध पत्र पेश करना है। इसके बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो उत्तर पश्चिम के हाशिए पर रहने वाले समुदाय के लिए योजनाएं तैयार करने वालों को पेश करेंगे, ताकि जब कभी इनके लिए कोई योजना बने, तो ध्यान में रखा जाए कि इनको किस चीज की सबसे अधिक जरूरत है।
पूरे उत्तर पश्चिम से कर सकेंगे शिरकत
जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब आदि के समाजशास्त्र के जितने भी शाेधकर्ता हैं, वो इसमें अपना शोध पत्र पेश कर सकते हैं। 18 और 19 मार्च को इसका आयोजन होगा। इस सम्मेलन में समाजशास्त्र से जुड़े विशेषज्ञों को बुलाएंगे और हाशिए पर रहने वाले समुदाय की दिक्कतों को लेकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद इसे पालिसी मेकर के समक्ष पेश करेंगे।
- प्रो. विश्व रक्षा, एचओडी, समाजशास्त्र विभाग, जम्मू विवि