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Election in J&K: जम्मू-कश्मीर में फिलहाल विधानसभा चुनाव जल्द होने के आसार नहीं

Tue, 21 Mar 2023 12:45 PM IST
kumar गुलशन कुमार बृजेश कुमार सिंह, जम्मू

सार

आयोग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि एक जनवरी को मतदाता पुनरीक्षण का आधार माना जाता है। जम्मू-कश्मीर समेत तीन राज्यों में एक अक्तूबर को आधार मानकर यह पूरी कवायद की गई है। केवल तीन राज्यों जम्मू-कश्मीर, गुजरात तथा हिमाचल में एक जनवरी को आधार मानकर मतदाता पुनरीक्षण नहीं हुआ है
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Jammu Kashmir Election (File) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में फिलहाल विधानसभा चुनाव जल्द होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। अब फिर से यहां गुजरात व हिमाचल प्रदेश के साथ मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलेगा। चुनाव की ओर से जल्द ही कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। इसमें कम से कम दो महीने का समय का मौसम भी रहेगा लगेगा। इसके बाद अमरनाथ यात्रा शुरू हो जाएगी। फिर जी-20 सम्मेलन का वक्त आ जाएगा। ज्ञात हो कि वर्ष 2014 में यहां अंतिम विधानसभा चुनाव हुए थे।

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आयोग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि एक जनवरी को मतदाता पुनरीक्षण का आधार माना जाता है। जम्मू-कश्मीर समेत तीन राज्यों में एक अक्तूबर को आधार मानकर यह पूरी कवायद की गई है। केवल तीन राज्यों जम्मू-कश्मीर, गुजरात तथा हिमाचल में एक जनवरी को आधार मानकर मतदाता पुनरीक्षण नहीं हुआ है, जबकि अन्य राज्यों में एक जनवरी के आधार पर ही हुआ है। ऐसे में इन तीन राज्यों के लिए मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम चलेगा।

आयोग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान जम्मू-कश्मीर समेत तीन राज्यों में शुरू होगा। इसके लिए कार्यक्रम की घोषणा जल्द की जाएगी। इसमें कम से कम दो महीने का समय लगेगा। बताते हैं कि मई तक मतदाता पुनरीक्षण अभियान चल सकता है। जून-जुलाई में अमरनाथ यात्रा रहेगी। फिर बरसात का मौसम। सितंबर-नवंबर के बीच जी-20 सम्मेलन प्रस्तावित है। हालांकि, अभी जी-20 बैठक की तिथि तय नहीं है। ऐसे में चुनाव के लिए वक्त नहीं मिल पाएगा।
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फारूक के नेतृत्व में चुनाव आयोग से मिल चुका है विपक्ष

विधानसभा चुनाव कराने के लिए नेकां प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व 13 दलों के नेताओं ने 16 मार्च को दिल्ली में चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया था। आयोग को ज्ञापन भी सौंपा गया था जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, शरद पवार, सीताराम येचुरी व अन्य ने दस्तखत किए थे। आजाद की पार्टी को छोड़ जम्मू कश्मीर के लगभग सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेता चुनाव आयोग से मिले थे।

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि उन्होंने पार्टी महासचिव अमरीक सिंह रीन को भेजा था। आयोग से मिलने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि इस बाबत कोई फैसला लिया जा सकता है। गृह मंत्री अमित शाह भी एक कार्यक्रम में बोल चुके हैं कि यदि आयोग रिपोर्ट मांगेगा तो तत्काल उसे चुनाव के बाबत रिपोर्ट भेज दी जाएगी।

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