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सरपंच ही निकला चचेरा भाई की हत्या करने वाला

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अमर उजाला ब्यूरो जम्मू। घरोटा क्षेत्र में तीन महीने पहले सरपंच के घर हमले का हमलावर खुद ही सरपंच ही निकला। पुरानी रंजिश के चलते चचंल बाबा को फंंसाने के लिए सरपंच ने अपने भाई और बहन के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। इस साजिश में अपने चचेरा भाई की हत्या तक कर दी। ताकि चचंल बाबा और उनके भाइयों को इस मामले में फंसाया जा सके। बता दें कि फरवरी महीने में सरपंच बलवीर सिंह के घर पर हमला हुआ। इस हमले में बलवीर सिंह घायल हुआ। उसकी बहन गीता देवी घायल हुई और घर में महमान बनकर आया मासी का बेटा कश्मीर सिंह की मौत हो गई। गीता देवी के बयानों पर पुलिस ने क्षेत्र के रहने वाले नामी नेता एवं बाबा चंचल सिंह के अलावा 250 लोगों को हिरासत में ले लिया। 126 एफआईआर अलग अलग धाराओं में लगाई गईं। शुक्रवार को जम्मू में एसएसपी श्रीधर पाटिल ने प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। बताया कि सरपंच बलवीर सिंह की चंचल बाबा के साथ कोई पुराना विवाद था। इस विवाद के चलते बलवीर ने चचंल बाबा और उसके भाइयों को झूठे केस में फंसाने के लिए अपनी बहन गीता और भाई शंकर सिंह के साथ मिलकर साजिश रची। खुद ही पूरी कहानी तैयार की। अपने ऊपर गोली चलाई। बहन पर गोली चलाई और मासी के बेटे पर भी गोली चलाई। गोली चलाने के बाद बताया कि चचंल बाबा और उसके भाइयों ने मिलकर उनके घर पर हमला किया है। इसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। जब मामले की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने 250 लोगों को हिरासत में लिया। इतने लोगों के खिलाफ 126 एफआईअर दर्ज हुईं। अवैध था हथियार हमले में इस्तेमाल की गई 12 बोर की बंदूक भी अवैध है। जिसका कोई लाइसेंस नहीं है। सरपंच बलवीर सिंह ने इस बंदूक का बंदोबस्त किया था। जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। बहुत पेचिदा था मामला एसएसपी का कहना है कि इस मामले में 250 लोगों के नाम बताए गए। यह पता लगाना बहुत ही मुंश्किल था कि हकीकत में अपराधी कौन है। क्योकि आरोपियों ने मामले को बहुत उलझा दिया था। बलवीर की बहन ने जो बयान दिए। उसके आधार पर ही शुरूआत में जा्रंच चली। बाद में धीरे धीरे पता चला कि आरोपी वहीं हैं जो घायल हैं। इन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अब आगे की जांच जारी है।
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