जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय के ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह सभागार में दृश्य एवं प्रदर्शन कला व संगीत एवं ललित कला संस्थान (आईएमएफए) के सहयोग से शुक्रवार को रंगयुग के ऐतिहासिक और प्रशंसित डोगरी नाटक चंचलो का मंचन किया। इस दौरान काफी संख्या में कॉलेज के छात्रों सहित अन्य लोग मौजूद रहे। रंगयुग की ओर से चंचलो के इस नाटक प्रदर्शन को देखने के लिए दर्शकों से सभागार खचाखच भरा हुआ था। करीब 90 मिनट के इस नाटक पाठ ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रसिद्ध नाटककार एवं निर्देशक नादिरा ज़हीर बब्बर द्वारा लिखित सकुबाई के इस नाटक को डोगरी में खूबसूरती से जम्मू विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा आरजे डॉ. जूही मोहन ने प्रस्तुत किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उमेश राय ने कहा कि हम विश्वविद्यालय को कला, संस्कृति और रचनात्मकता कला का एक जीवंत केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस तरह के कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप है जो समग्र विकास के लिए कला और संस्कृति को मुख्यधारा की शिक्षा में शामिल करने के लिए प्रेरित करती है। संवाद