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उत्तर कश्मीर को अपना गढ़ बनाना चाहते हैं आतंकी

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अजय मीनिया जम्मू। आतंकी संगठन कश्मीर में अपनी रणनीति बदलकर हमले करना चाहते हैं। आतंकियों ने धीरे धीरे अपने गढ़ को दक्षिण कश्मीर से उत्तर कश्मीर की तरफ कर लिया है। कश्मीर में होने वाले बड़े हमलों पर नजर डालें तो यह उत्तर कश्मीर में हुए हैं। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो दक्षिण कश्मीर में आतंकियों का नेटवर्क दम तोड़ चुका है। जिसकी वजह से आतंकी संगठन अब उत्तर कश्मीर का रुख कर रहे हैं। उत्तर कश्मीर में आतंकियों के लिए पाकिस्तान से घुसपैठ करना भी आसान है। कुपवाड़ा, बारामुला और बांदीपोरा आदि की एलओसी उत्तर कश्मीर में है। यहां से बड़े स्तर पर आतंकी घुसपैठ करते हैं। साथ ही इस साल के बड़े हमले देखें तो उत्तर कश्मीर में ही हुए हैं। 6 अप्रैल को कुपवाड़ा में आतंकी हमले में सेना के 5 जवान शहीद हो गए। 3 मई को हंदबाड़ा में सीओ, मेजर, सब इंस्पेक्टर समेत पांच जवान शहीद हो गए। 4 मई को सीआरपीएफ के तीन जवान आतंकी हमले में शहीद हो गए। 5 मई को बड़गाम में ग्रेनेड हमले में एक नागरिक घायल हो गया। 18 अप्रैल को सोपोरा में आतंकी हमले में तीन सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए। पिछले चार महीने में उत्तर कश्मीर में दो दर्जन सुरक्षाबल शहीद हो गए हैं। 20 से अधिक आतंकी हमले उत्तर कश्मीर में हुए हैं। आतंकी संगठनों का पूरा फोकस ही उत्तर कश्मीर पर हो गया है। तीनों जिलों से घुसपैठ बारामुला, कुुपवाड़ा और बांदीपोरा जिलोंं की एलओसी से आतंकी घुसपैठ करते हैं। ऐसे में आतंकियों ने घुसपैठ के बाद इन्हीं इलाकों में अपने ठिकाने बनाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर कश्मीर में हमले बढ़ृने का कारण ही यहीं है कि आतंकी यहां गढ़ बनाना चाहते हैं। डीजीपी का कोई जवाब नहीं अमर उजाला ने डीजीपी दिलबाग सिंह से पूछा कि ऐसी सूचनाएं हैं कि आतंकी संगठन अब दक्षिण कश्मीर की जगह उत्तर कश्मीर को अपना गढ़ बनाना चाहते हैं। पिछले कुछ समय से आतंकियों ने ज्यादातर हमले उत्तर कश्मीर में ही किए हैं। पिछले दो दिन में हंदबाड़ा और बड़गाम में हमला हुआ। आठ जवान शहीद हो गए। इसके पहले कुपवाड़ा में हुए हमले में भी पांच जवान शहीद हो गए थे। आप इससे कितना सहमत हैं और अगर ऐसा है तो इससे निपटने के लिए किस तरह के कदम उठाए जाएंगे? इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया
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