जम्मू। आरएस पुरा के चकरोई से पकड़े गए ओजी वर्कर का कोट भलवाल की जेल में बंद आतंकियों और अपराधियों से लिंक स्थापित हुआ है। इसका पर्दाफाश होने के बाद एक बार फिर यह सामने आया कि आतंकी जेलों में बंद आतंकियों की मदद से आतंकी नेटवर्क चला रहे हैं। ऐसे में जेल विभाग की सुरक्षा पर फिर सवाल उठे। लेकिन जेल विभाग के डीआईजी एस एस लोन का दावा है कि अब यह भविष्य में बिल्कुल खत्म हो जाएगा। 19 मार्च से विभाग ने जेलों में ई मुलाकात शुरू की है। जिसका असर देखने को मिलेगा। लोन का कहना है कि आरएस पुरा से पकड़ा गया ओजी वर्कर जेल से छूटे अपराधी से बाहर ही मिला था। रही बात जेल से मोबाइल फोन और सिम कार्ड मिलने की तो इसकी जांच चल रही है। जो कोई भी इसमें शामिल होगा। उसके ऊपर कार्रवाई होगी। इसमें कोई दो राय नहीं कि जब कैदियों को कहीं पेशी के लिए कोर्ट ले जाना होता था या फिर कैदियों से मिलने उनका कोई रिश्तेदार आता था तो यह लोग सांठगांठ कर लेते थे। लेकिन अब ऐसा होने के आसार लगभग खत्म हैं। कैदियों की पेशी वीडियो कालिंग से हो रही है। कैदियों के रिश्तेदार ई मुलाकात से मिल रहे हैं। आतंकी नेटवर्क कम हो जाएगा।