डांगरी के सरपंच धीरज शर्मा ने बताया कि गांव के बीचोबीच आतंकियों ने लोगों की पहचान कर हमला किया। स्थानीय लोग ही घायलों को अस्पताल लेकर पहुंचे। उन्होंने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक बताया। उन्होंने कहा कि खतरे की आशंका पहले से ही थी और जिले के कुछ इलाकों में तलाशी भी ली गई थी।
घटना के विरोध में राजोरी अस्पताल में लोगों ने प्रदर्शन किया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि लगातार खतरे के बाद भी जिला प्रशासन ने विलेज डिफेंस ग्रुप (वीडीजी) के सदस्यों के हथियार वापस ले लिए हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद अतिरिक्त जिलाधिकारी का घेराव किया। वे जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। घटना के विरोध में सोमवार को राजोरी बंद का आह्वान किया गया है।