जीएमसी (राजकीय मेडिकल कालेज) जम्मू के महेशपुरा चौक के पास स्थित यूजी (अंडर ग्रेजुएट) ब्वायज हास्टल की दीवार पर एक धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द लिखने से वीरवार को हास्टल में तनाव बना रहा।
जीएमसी प्रशासन ने हरकत में आते हुए दीवार पर वाइट वाश करवाकर लिखे गए शब्दों को साफ करवा दिया। जीएमसी प्रशासन ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसके साथ बख्शीनगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। हास्टल की सुरक्षा बढ़ाई गई है।
हास्टल में तड़के कुछ विद्यार्थियों ने दीवार पर एक धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक लिखे शब्दों को देखा, जिसके बाद अन्य छात्रों को यह जानकारी दी गई। इसके बाद संबंधित धर्म के विद्यार्थियों ने इस घटना पर रोष जताया। हास्टल में करीब 600 एमबीबीएस विद्यार्थी रह रहे हैं। जिस जगह दीवार पर आपत्तिजनक शब्द लिखा गया है, वहां पास में लगा सीसीटीवी बंद है।
बताया जाता है कि बुधवार की देर रात शरारती तत्वों द्वारा दीवार पर लिख दिया गया था, ताकि सुबह हास्टल में माहौल बिगड़ जाए। बताया जाता है कि जिस जगह आपत्तिजनक शब्द लिखा गया है, वहां वार्डन के समर्थन में भी लिखा गया है। इस मामले से पहले भी रैगिंग को लेकर हास्टल में दो गुटों में मारपीट हुई थी।
जीएमसी के प्रिंसिपल डा. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि शरारती तत्वों द्वारा ब्वायज हास्टल में माहौल खराब करने की कोशिश की गई है। इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति में डा. जेबी सिंह सहायक प्रोफेसर मेडिसिन विभाग जीएमसी जम्मू, सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डा. संजय भसीन और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डा. रेहाना खुर्शीद शामिल हैं, जो दो दिन में रिपोर्ट देंगी। इस बीच पुलिस ने हास्टल में पहुंचकर कुछ छात्रों से जानकारी।
बताया जाता है कि हास्टल के विभिन्न हिस्सों में सीसीटीवी नहीं हैं और जहां लगे भी हैं, वे खराब पड़े हैं। वहीं हास्टल की वार्डन डा. हरलीन कौर कोई परीक्षा लेने के लिए राजोरी मेडिकल कालेज में गई हुई हैं। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रिंसिपल को घटना की जानकारी दी गई है। पुलिस के साथ जीएमसी प्रशासन अपने स्तर पर जांच कर रहा है। सीसीटीवी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।