बाजाबाईं स्कूल का कौशल एवं परामर्श केंद्र दिखा रहा जीने की राह
अध्यापक विनोद रैना का स्थानांतरण हायर सेकेंडरी स्कूल बाजाबाईं में हुआ, तो वहां पर करीब साढ़े छह लाख रुपये की लागत से महाराजा हरि सिंह के नाम पर कौशल केंद्र का निर्माण करवाया। यह केंद्र खास कर जरूरतमंद बच्चियों के लिए समर्पित है। इस केंद्र में शिक्षा हासिल कर करीब 300 बच्चियां बुटीक सहित अन्य केंद्र खोल कर अपना रोजगार चला रही हैं। यहां पर तनावग्रस्त बच्चों की भी काउंसलिंग की जाती है।
वह कई गरीब बच्चियों की शादी में योगदान दे चुके हैं। कोराना महामारी के समय उन्होंने लोगों को जागरूक किया। वर्तमान में वह इंचार्ज जोनल काउंसलिंग कोऑर्डिनेटर भी हैं।
मेरा थैला मेरी पहचान मुहिम चलाई, पांच हजार थैले बनाकर मुफ्त में बांटे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन से प्रेरित होकर उप जिला सुंदरबनी में मेरा थैला मेरी पहचान मुहिम चलाकर लोगों को प्लास्टिक का प्रयोग कम करने के प्रति जागरूक किया। साथ ही स्कूल में बनाए गए कौशल विकास केंद्र में पांच हजार कपड़े के थैले बना कर लोगों में निशुल्क वितरित किए।
बच्चों का साथी बनना ही एकमात्र लक्ष्य
शिक्षक विनोद रैना ने बताया कि शिक्षा विभाग में नियुक्त हैं। उनका एक ही ध्येय और कर्तव्य बच्चों के भविष्य के साथी बनना है। यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी। वह बच्चों के लिए हर वो कदम उठाने के लिए तैयार हैं जो उनके विकास के लिए जरूरी हैं।