अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर प्रदेश स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित हुए शिक्षक दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत बने गए हैं। तमाम चुनौतियों के बावजूद इन शिक्षकों ने लीग से हटकर कुछ अलग किया है। अपने नियमित शैक्षणिक कार्य के साथ-साथ स्कूल में बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए अथक प्रयास किए, किसी ने स्कूल में चहारदीवारी तो किसी ने स्मार्ट क्लासेज बनाईं। जिसके फलस्वरूप उन्हें एलजी से सम्मान मिला है। इन शिक्षकाें ने कहा कि सम्मान पाकर अब और अच्छा करने की प्रेरणा मिली है।
शिक्षा के साथ बच्चों को लोक कलाओं से जोड़ा
2023 तक राजकीय हाई स्कूल पुरानी पुंछ में शिक्षक रहे युगल किशोर ने लोगों के सहयोग और खुद की आय से स्कूल में चहारदीवारी का निर्माण करवाया। इसके साथ ही दीक्षा पोर्टल और डीडी ज्ञान चैनल के लिए ई-कंटेट तैयार किया। कोविड के समय डीडी ज्ञान से बच्चों की पढ़ाई में काफी लाभ मिला। डाइट पुंछ में संसाधन व्यक्ति के रूप में भी सेवाएं दीं। साथ ही जिले के संस्कृति सेल के प्रमुख रहते हुए लोक कलाओं से बच्चों को जोड़ा।
कोविड के समय बच्चों के लिए ई-कंटेंट तैयार किया
कितश्वाड़ जिले के दूरदराज इलाके में शहीद एसपीओ शम्सदीन राजकीय मिडिल स्कूल में आरईटी शिक्षक जगदीश राज को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार मिला। कोविड के समय जगदीश ने ज्ञान दर्शन, जेकेएनएन के लिए ई-कंटेंट तैयार किया। बच्चों में गणित विषय के प्रति रुझान बढ़े, इसके लिए टीचर लर्निंग सामग्री भी तैयार की। स्कूल छोड़ चुके बच्चों के लिए हुए तलाश सर्वे में सामने आए बच्चों के लिए गणित विषय का ब्रिज कोर्स तैयार किया। कई राष्ट्रीय व राज्य स्तर की कार्यशालाओं में संसाधन व्यक्ति की भूमिका निभाई।
लोगों की मदद से स्कूल में स्मार्ट क्लास बनवाई
रामबन जिले के राजकीय हाई स्कूल सुंडला में शिक्षक रहते होशियार सिंह ने लोगों की मदद और खुद के खर्च से स्कूल में 1.35 लाख रुपये की लागत से स्मार्ट क्लास बनाई। इसमें 90 हजार रुपये लोगों का योगदान था। जरूरतमंद बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित न रहें, इसके लिए उन्हें स्मार्ट फोन भी मुहैया करवाए। स्कूल के बच्चों को विभिन्न छात्रवृत्ति से अवगत करवाया, जिसके चलते 13 बच्चों को छह हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति मिलती है।
सुंदरबनी में पुस्तकालय, कौशल विकास केंद्र का निर्माण करवाया
सुंदरबनी के शिक्षक विनोद रैना ने कौशल विकास केंद्र खोलकर 300 से अधिक युवतियों को रोजगार से जोड़ा। स्कूल में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ उनके लिए रोजगार सृजन के द्वार खोले हैं। बच्चों के लिए पुस्तकालय, अध्ययन केंद्र और कौशल विकास केंद्र का निर्माण करवाया है। कौशल विकास केंद्र में सिलाई मशीनें भी हैं, जिससे युवतियां कौशल सीख रही हैं।
चंद्रकोट स्कूल में लगवाए सीसीटीवी, स्मार्ट क्लारूम भी बनवाया
रामबन जिले के राजकीय हाई स्कूल चंद्रकोट में सेवाएं देते हुए लाल सिंह ने लोगों और अधिकारियों के सहयोग से स्कूल का कायाकल्प किया। स्कूल में सीसीटीवी लगवाए। बच्चों के बैठने के लिए कुर्सियां, स्मार्ट क्लासरूम जैसे काम करवाए। आओ स्कूल चलें हम अभियान के तहत स्कूल में नामांकन बढ़ाया। जिला रामबन में शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए संसाधन व्यक्ति के रूप काम किया।