दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकी हमले में मारे गए उधमपुर निवासी दीपू कुमार का पार्थिव शरीर देखते ही परिवार सुधबुध खो बैठा। बेसुध पिता यही पूछते रहे कि बेटे को क्यों मारा, उसकी क्या गलती थी। मंगलवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे उनके पैतृक गांव थयाल लाया गया।
शाम करीब चार बजे दीपू का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान लोगों ने दीपू कुमार अमर रहे के नारे लगाए और पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
दीपू कुमार के परिवार में बीमार पिता, भाई, भाभी व उनके दो बच्चे हैं। दीपू कश्मीर जाते समय पत्नी को साथ लेकर गया था। सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे दूध लेने के लिए सर्कस से बाहर निकला तो बाइक सवार दो आतंकियों ने तीन गोलियां मार दीं।
अस्पताल ले जाने पर उसको मृत घोषित कर दिया गया। पिता ने बताया कि सोमवार देर रात को ही कुछ पुलिसकर्मी घर आए थे, लेकिन किसी ने भी बेटे की मौत के बारे में नहीं बताया। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे मुझे बताया गया। अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग पहुंचे थे।
घटना के विरोध में कश्मीर के अनंतनाग व बारामुला जिलो में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। जम्मू,कठुआ, रियासी, पुंछ समेत अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन किए गए।