सुप्रीम कोर्ट में मामले पर बुधवार को सुनवाई होगी
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन को ठोस कचरे के अवैज्ञानिक डंपिंग और निपटान पर फटकार लगाते हुए कहा, लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस सीटी रविकुमार ने अवैज्ञानिक डंपिंग और ठोस कचरे के निपटान पर 64.21 लाख रुपए के पर्यावरणीय जुर्माने के खिलाफ बांदीपोरा की नगर समिति की याचिका को खारिज कर दिया।
पीठ ने नगर निकाय की याचिका खारिज करते हुए कहा, क्या आप इस तरह से मामलों से निपटते हैं। क्या यह आपके राज्य की चेतना है? आप लोगों के जीवन के साथ नहीं खेल सकते हैं। जुर्माना जमा करें। नगर निकाय के वकील ने कहा, नया डंपिंग ग्राउंड तैयार होने के बावजूद जुर्माना लगाया गया है।
नगर परिषद ने ठोस कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए सुधारात्मक कार्रवाई की है। शीर्ष अदालत एनजीटी के एक आदेश के खिलाफ मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद (बांदीपोरा) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। एनजीटी ने जम्मू-कश्मीर राज्य प्रदूषण नियंत्रण समिति के लगाए पर्यावरण जुर्माने की वसूली को रद्द करने से इन्कार कर दिया था।
प्रदूषण नियंत्रण समिति ने पाया था कि जिला मुख्यालय बांदीपोरा के समीप जलवान नास्सू स्थल पर तथा जलवान नाले के निकट वुलर झील के पास नगर पालिका समिति द्वारा बेतरतीब और अवैज्ञानिक तरीके से ठोस कचरा लगातार डंप किया जा रहा था।