जम्मू। रवींद्र नाथ टैगोर की कहानी पर आधारित पोस्टमास्टर नाटक का मंचन संडे थियेटर में नटरंग स्टूडियो ने किया। प्रताप सहगल द्वारा रूपांतरित और नीरज कांत द्वारा निर्देशित नाटक पोस्टमास्टर रतन नाम की अनाथ लड़की की कहानी पर आधारित है।
नाटक का शुभारंभ पोस्टमास्टर के कलकत्ता से उलापुर में तबादले से होता है। उसका यहां पर कोई दोस्त नहीं है। वह अकेला महसूस करता है। अब छोटी अनाथ लड़की रतन से प्यार करने लगता है। दोनों एक साथ भोजन करते हैं और रतन पोस्टमास्टर के लिए छोटे-मोटे काम करती हैं। बाद में जब वह उसे पढ़ना-सिखाना शुरू करता है, तो उसकी शिष्या बन जाती है। एक दिन पोस्टमास्टर की बारिश के कारण तबीयत बिगड़ जाती है। वह कलकत्ता में स्थानांतरण के लिए आवेदन करने का फैसला करता है। मगर आवेदन अस्वीकार हो जाता है। इसके बाद वह नौकरी से इस्तीफा दे देता है और चला जाता है। अंत में रतन यह जानकर टूट जाती है।
नाटक में अभिनय करने वाले कलाकारों में मिहिर गुजराल, शेरयार सलारिया, कननप्रीत कौर, विशाल शर्मा और कुशाल भट शामिल रहे। नटरंग ने न केवल दर्शकों को अत्यधिक सामाजिक और कलात्मक प्रासंगिकता के विभिन्न नाटकों को देखने का मौका दिया है, बल्कि दुनिया के सबसे प्रसिद्ध लेखकों के साहित्यिक कार्यों का मंचन कर रचनात्मक और बौद्धिक विकास किया।