जम्मू। अखनूर में 11 साल पहले दहेज प्रताड़ना से दुखी महिला के खुदकशी मामले में आरोप साबित न होने पर कोर्ट ने पति समेत ससुराल पक्ष के सभी आरोपियाें को बरी कर दिया। मामले में आरोपी ससुर की अभियोजन प्रक्रिया के दौरान मौत हो गई थी। बरी किए गए आरोपियाें में पति, सास और ननद शामिल हैं। शुक्रवार को अतिरिक्त जिला जज ताहिर खुर्शीद रैना ने मामले पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। आरोपियाें पर बहू को खुदकशी के लिए उकसाने का केस दर्ज था। 2009 में अखनूर की रहने वाली सुनीता देवी ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। पुलिस ने इस केस में मरने से पहले दर्ज महिला के बयानों को आधार बनाया। कोर्ट ने कहा कि डाइंग डेक्लरेशन (मरने से पहले दिया गया बयान) पुख्ता सबूत जरूर है, लेकिन यह किसी को सजा देने की इकलौता आधार नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के गंभीर मामलों में भी पुलिस की जांच सवाल खड़े करती है। हैरत की बात है कि पूरे मामले में अभियोजन पक्ष यह नहीं बता पाया कि नवविवाहित महिला की आत्महत्या का मुख्य कारण क्या था। केस में यह आखिर तक रहस्य ही बना रहा। जेएनएफ