-संदिग्ध परिस्थतियों में घर के पास पशुशाला में फंदे पर लटकी मिली
-मामा के पार्थिव शरीर को देखने के बाद कई बार हो गई थी बेहोश
-शुक्रवार को किश्तवाड़ मुठभेड़ में बलिदान हुए थे विपिन कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरबनी। किश्तवाड़ में शुक्रवार को मुठभेड़ में बलिदान विपिन कुमार की भांजी की संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अलीशा शर्मा (16) मामा के बलिदान से गहरे सदमे में थी और घर में ही फंदा लगाकर मौत को गले लगा लिया। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
जानकारी के अनुसार अलीशा की मां अनुराधा शर्मा और पिता रवि कुमार शनिवार को पशुओं के लिए चारा लेने खेत में गए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे माता-पिता घर आए तो बेटी घर में नहीं दिखी। वह पशुशाला के कमरे में गए तो वहां वह फंदे पर लटकी मिली। पिता रवि ने बच्ची को पड़ोसियों की मदद से नीचे उतारा और उप जिला अस्पताल सुंदरबनी ले गए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का बोर्ड बनाकर अलीशा का पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं, अलीशा के पिता रवि गहरे सदमे में हैं, तो मां अनुराधा पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक तरफ भाई शहीद हुआ है और दूसरी तरफ बेटी की मौत ने तोड़ दिया है।
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मुठभेड़ वाली रात मामा ने अलीशा से फोन पर की थी बात
अलीशा का शव लेने अस्पताल पहुंचे पिता रवि और पड़ोसियों ने बताया कि अलीशा को मामा के साथ बहुत लगाव था। मुठभेड़ वाली रात मामा ने बलिदान से पहले अलीशा के साथ फोन पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह मुठभेड़ की साइट पर हैं। इसलिए लगातार उससे संपर्क नहीं कर सकता। बताया जा रहा है कि मामा के पार्थिव शरीर को देखने के बाद वह कई बार बेहोश हो गई थी।
दसवीं कक्षा की छात्रा थी अलीशा
अलीशा एमएआर पब्लिक स्कूल में 10वीं कक्षा की छात्रा थी। पड़ोसियों के अनुसार मामा की मौत के बाद से ही वह गहरे सदमे में थी। रो-रो कर उसका बुरा हाल था। रविवार देर शाम को गांव के श्मशानघाट में अलीशा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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