संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। उपजिला अस्पताल आरएस पुरा पर क्षेत्र की कई पंचायतों की दो लाख की आबादी निर्भर है, लेकिन असुविधाओं के चलते उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात को केवल एक डॉक्टर की तैनाती है, अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी हफ्ते में दो दिन ही मिलती है। जन औषधि केंद्र काफी समय से बंद है, जिस कारण लोग बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर हैं।
प्रदेश में घरद्वार पर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के प्रदेश शासन के दावों की आरएस पुरा उपजिला अस्पताल में हवा निकल रही है। पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने से लोगों में रोष व्याप्त है। हालत है कि दो लाख की आबादी के लिए रात के समय अस्पताल में एक ही डॉक्टर की सुविधा मिलती है। स्थनीय निवासी जगदीश राज ने बताया कि रात के समय एक ही डॉक्टर होने पर मजबूरन रोगी का प्राथमिक उपचार करने के बाद जीएमसी जम्मू रेफर करना पड़ता है। पचास बिस्तर का अस्पताल होने के चलते रात के समय अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए।
स्थानीय कमल शर्मा ने बताया कि उप जिला अस्पताल में हफ्ते में दो दिन मंगलवार व शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलती है। अस्पताल में रोजाना कई रोगियों की अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है, जिस कारण उन्हें बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। पहले एक्स-रे की फिल्म रोगी को दी जाती थी पर अब डाॅक्टर द्वारा एक्स-रे करवाने पर उसके मोबाइल फोन पर ही भेजी जाती है। अस्पताल में जन औषधि केंद्र काफी समय से बंद है, जिस कारण लोग महंगे दाम पर बाजार से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होने के चलते रात के समय एक ही डॉक्टर की नियुक्ति की व्यवस्था है। अल्ट्रासाउंड हफ्ते में दो दिन सेवा मिल पाती है। ऐसा इसलिए है कि यहां डॉक्टर की पोस्ट नहीं होना है। जन औषधि केंद्र खोला गया था पर रिस्पांस नहीं मिलने पर उक्त व्यक्ति द्वारा नहीं खोला जा रहा है। इसके लिए लिखित में उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
- डॉक्टर मोनिका कोतवाल, बीएमओ, उपजिला अस्पताल, आरएस पुरा