जम्मू विश्वविद्यालय में डॉ. चंद्रशेखर की खुदकुशी मामले को लेकर शुक्रवार को विश्वविद्यालय में हंगामा रहा। विद्यार्थियों ने प्रदर्शन करने के साथ वीसी कार्यालय का घेराव किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारे लगे। इस दौरान यौन उत्पीड़न समिति (कैश कमेटी) और विवि के रजिस्ट्रार को तत्काल पदों से हटाने की मांग की। वहीं, शिक्षकों ने बांहों पर काली पट्टियां बांधकर विरोध प्रदर्शित किया।
यौन शोषण का आरोप लगाने के पीछे किसका हाथ
एनएसयूआई के सचिव अजय लखोत्रा ने कहा कि डॉ. चंद्रशेखर मनोविज्ञान के प्रोफेसर थे। उनके साथ सोची समझी साजिश की गई है। यौन शोषण का आरोप लगाने के पीछे किन लोगों का हाथ है, इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। आरोप लगाने वाली छात्राओं से भी पूछताछ की जाए।
कैश कमेटी जांच करती है
सात दिनों के भीतर कैश कमेटी की रिपोर्ट आना और रजिस्ट्रार की ओर से निलंबन पत्र दिया जाना सवाल खड़े करता है।इनके जवाब देने के लिए भी कोई तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि कैश कमेटी जांच करती है, तो उसके साथ छात्र और कमेटी के सभी सदस्य बैठते हैं। जब निलंबन का फैसला लिया गया, उस समय भी छात्र और समिति के सभी सदस्य मौजूद नहीं थे।
कैश कमेटी और रजिस्ट्रार को भी हटाया जाए
प्रतीक रैना और अन्य छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय ने जिस तरह डॉ. चंद्रशेखर के निलंबन में तुरंत फैसला ले लिया, उसी फुर्ती से कैश कमेटी और रजिस्ट्रार को भी हटाया जाए। अगर वीसी ने मामले में जल्द संज्ञान नहीं लिया, तो छात्र उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। शिक्षकों पर झूठे आरोप छात्र सहन नहीं करेंगे।
न्याय के लिए विवि शिक्षक संघ भी आगे आया
डॉ. चंद्रशेखर को न्याय दिलाने के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने भी एकजुटता दिखाई है। शिक्षकों ने दिनभर काला बिल्ला लगाकर रोष जताया। डॉ. चंद्रशेखर मामले पर बात करते समय कई महिला शिक्षकों की आंखें भर आईं।
- शिक्षक संघ का कहना है कि कैश कमेटी और रजिस्ट्रार ने निलंबन का मामला शिक्षक संघ तक पहुंचाया होता, तो डॉ. चंद्रशेखर ऐसा कदम नहीं उठाते। शिक्षकों ने कहा कि कैश कमेटी और रजिस्ट्रार को तुरंत हटाया जाना चाहिए। कई शिक्षकों ने कहा कि रजिस्ट्रार खुद लॉ के प्रोफेसर हैं और मानवाधिकार के जानकार हैं। फिर भी निलंबन पत्र देने में जल्दबाजी की।
कैश कमेटी ने यौन शोषण मामले में नियमानुसार नहीं की जांच
शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. पंकज श्रीवास्तव ने शुक्रवार को वीसी प्रो. उमेश राय से मुलाकात की। इस दौरान कहा कि यौन शोषण के आरोप मामले की नियमानुसार जांच नहीं की गई है। इस दौरान उन्होंने वीसी के समक्ष आठ पन्नों के दस्तावेज भी रखे। इसमें जांच से संबंधित सभी प्रक्रियाएं दी गई हैं।
यह उठाए सवाल
- - जिसके खिलाफ शिकायत होती है, उसे भी प्रक्रिया के बारे में बताया जाता है। लेकिन कैश कमेटी ने जल्दबाजी में मामले की जांच की।
- - शिकायत मिलने के बाद बीच में विवि में कई छुट्टियां थीं। दो वर्किंग डे थे। इतने कम समय में जांच कैसे संभव हुई है।
वीसी बोले, एसआईटी पर भरोसा, सीबीआई की सिफारिश नहीं
शिक्षक संघ की सीबीआई जांच के लिए सिफारिश करने की मांग पर वीसी ने कहा कि एसआईटी पर भरोसा है। एसआईटी ही मामले की जांच करेगी। फिलहाल सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं की जाएगी।
विभागाध्यक्ष ने आरोपों पर अभी तक नहीं रखा पक्ष
जम्मू विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. आरती बख्शी पर लगे आरोपों के बारे में उनसे एक बार फिर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने मामले पर कुछ नहीं कहा। वह जब भी अपना पक्ष रखेंगी, उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
डॉ. चंद्रशेखर का पक्ष सुना होता तो यह तस्वीर न होती
गृह विज्ञान विभाग की प्रो. नीरू शर्मा ने कहा कि एक महिला होने के नाते में समझ सकती हूं कि जिस मां ने बेटा खोया है, उसका क्या हाल होगा। इतना कहते ही उनका गला भर गया और आंखों से आंसू छलक पड़े। अपने को संभालते हुए उन्होंने कहा कि डॉ. चंद्रशेखर का पक्ष सुना गया होता, तो आज यह तस्वीर नहीं होती।
शिक्षक एक दिन का वेतन चंद्रशेखर के परिवार को देंगे
शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि सभी शिक्षक अपने एक दिन का वेतन डॉ. चंद्रशेखर के परिवार को देंगे। इससे पीड़ित परिवार की मदद हो सकेगी। इसके अलावा भी जो मदद संभव होगी, वह की जाएगी। शिक्षक संघ इसके लिए तैयार है। अन्य शिक्षकों ने भी इस पर सहमति जताई। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना भी प्रकट की।