अमर उजाला ब्यूरो जम्मू। शिक्षा विभाग की तरफ से ऑनलाइन क्लासीज शुरू कर दी गई हैं। बात की जाए प्राइवेट स्कूल की या फिर सरकारी स्कूलों की हर शिक्षक विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने में लगा हुआ है। पर सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा इन क्लासीज का फायदा नहीं उठाया जा रहा है। कुछ विद्यार्थियों द्वारा इन कक्षाओं का पूरा फायदा लिया जा रहा है पर वहीं कुछ इन कक्षाओं को मजाक में ले रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि स्कूल लगने के बाद फिर से शिक्षकों द्वारा सारा पाठ्यक्रम शुरू से पढ़ाया जाएगा। कुछ शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाने में वैसे तो ज्यादा कोई समस्या नहीं आ रही है पर कुछ बच्चे ग्रुप में पढ़ाई से संबंधित बातों को अनदेखा कर देते हैं। यदि उन्हें कुछ कार्य भी दिया जाता है तो वह उसे नजरअंदाज कर देते हैं और कोई रिपलाई ही नहीं करते हैं। हां पर कुछ विद्यार्थियों द्वारा समय समय पर दिया गया काम ग्रुप में डालकर साझा किया जाता है और वह लोग संबंधित सवाल भी पूछते हैं। सरकारी स्कूलों के कुछ विद्यार्थियों के पास नहीं है ऑनलाइन पढ़ाई करने का साधन सरकारी स्कूलों के कुछ विद्यार्थियों के पास पढ़ाई करने के लिए कोई साधन न ही। न ही उनके पास फोन है और न ही कोई टेब या लेपटॉप जिसके माध्यम से वह पढ़ाई कर सकें। ऐसे में इन बच्चों को पढ़ाई न करने की चिंता सता रही है। यूट्यूब के लिंक और नोट्स बनाकर ग्रुप में डाल रहे शिक्षक शिक्षकों द्वारा अपने विषय से संबंधित नोट्स तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ वह यूट्यूब के लिंक और वोआइस नोट्स एवं वीडियो मैसेज के जरिए भी पाठ्यक्रम संबंधित जानकारी विद्यार्थियों को दे रहे हैं। कोरोना के बारे में भी कर रहे हैं जागरूक ऑनलाइन पढाने के साथ शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए लगातार जागरूक भी किया जा रहा है। उन्हें बार-बार हाथ धोने और घर से बाहर न निकलने के लिए कहा जा रहा है। हर क्लास में कुछ शरारती विद्यार्थी होते हैं जो क्लास में भी शिक्षकों को परेशान करते हैं। ऐसे देखा जाए तो ऑनलाइन क्लासीज का रिस्पांड काफी अच्छा आ रहा है। विद्यार्थियों द्वारा ग्रुप के माध्यम से शिक्षकों से पढ़ाई से संबंधित कई तरह के सवाल भी पूछे जा रहे हैं। - अनुराधा गुप्ता, निदेश स्कूल शिक्षा विभाग