अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जिले में शनिवार शाम को आंधी के कारण बिजली ढांचा पूरी तरह से हिल गया। 40 से ज्यादा खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। 25 स्थानों पर तारों के ऊपर पेड़ गिर गए। सबसे ज्यादा परेशानी परमंडल, उत्तरवाहिनी में सामने आई, जहां 26 घंटे के बाद भी बिजली बहाल हो सकी। रविवार को दिनभर बिश्नाह और आरएस पुरा में मरम्मत का काम चलता रहा।
अधिकारियों के अनुसार ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चलने के कारण विभाग को काफी नुकसान पहुंचा है। शहर के ज्यादातर इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। दोबारा से बिजली बहाल करने में काफी समय लग गया।
गांधी नगर, नानक नगर, सैनिक कॉलोनी, त्रिकुटा नगर में 10 खंभे टूट गए। साथ ही तारें क्षतिग्रस्त हो गईं। यहां बिजली शाम छह बजे गुल हुई तो रात 11 बजे के बाद बहाल हो पाई। इस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इसी तरह बिश्नाह में बिजली आपूर्ति सुबह दस बजे के बाद बहाल हुई, क्योंकि खंभों और तारों की रात को मरम्मत नहीं हो पाई। किशना नगर, भगवती नगर बस स्टैंड में रात 12 बजे, पुराना शहर और आसपास इलाकों में रात दस बजे के बाद बिजली आई। नगरोटा, गंग्याल, रेशमघर कॉलोनी और बस स्टैंड इलाकों में चार घंटे के बाद राहत मिली। अधिकांश जगहों में तारों पर पेड़ गिर गए। बिजली कारपोरेशन के अनुसार आंधी से खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा तारें टूटी हैं। अब तक लाखों का नुकसान हो चुका है। फिलहाल काम जारी है।
शहर समेत अन्य जगहों में नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। अधिकांश जगहों में बिजली बहाल कर दी है। पेड़ गिरने और खंभे क्षतिग्रस्त होने से परेशानी आई।
- राजेश शर्मा, एक्सईएन, बिजली कारपोरेशन