अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में सोमवार रात अचानक बदला मौसम का मिजाज आफत लेकर आया। 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने तांडव मचाया। कई जगह छतों से टीन उड़ गईं तो कई जगह पेड़ गिर गए। एक घंटे तक हुई झमाझम बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। अधिकांश सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। देर रात तक आधे शहर की बिजली गुल रही।
शाम को बादल छा गए। रात आठ बजे के करीब अचानक आंधी चली। देखते ही तेज हवाओं ने पूरे शहर को चपेट में ले लिया। बादलों की गड़गड़ाहट के बीच झमाझम बारिश शुरू हो गई। संभाग के सबसे बड़ी अनाज मंडी वेयर हाउस में कई जगह छतों और ट्रकों से तिरपाल उड़ गए, जिससे खाद्य पदार्थों को नुकसान पहुंचा। रेहड़ी-फड़ी वाले भागते नजर आए। कई रेहड़ियों से सामान उड़ गया। देर रात तक अधिकांश इलाकों में बिजली नहीं आई। विभाग के शिकायत नंबर व्यस्त रहे। कुछ इलाकों में कर्मचारी मरम्मत में लगे रहे। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल गिरने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार मंगलवार को प्रदेश में मौसम साफ रहने के आसार हैं।
मौसम के उतार-चढ़ाव को गंभीरता से लें
डॉक्टरों के अनुसार सर्दी की दस्तक के बीच मौसम के उतार-चढ़ाव को गंभीरता से लेना चाहिए। पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रोमेश गुप्ता के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात के तापमान में भारी अंतर आ गया है। खासतौर पर रात के समय बाहर निकलते समय तापमान के मुताबिक परिधान पहनें। ठंडे पदार्थ आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक आदि का सेवन करने से परहेज करें। इस समय रेस्पिरेटरी इंफेक्शन से छाती संबंधी समस्याएं बढ़ेंगी। विशेष तौर पर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का अधिक ध्यान पखें।