पीएम की रैली को लेकर कार्यक्रम स्थल के आसपास चलाए जा रहे तलाशी अभियान
प्रशासनिक तैयारियों को भी दिया जा रहा अंतिम रूप
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद प्रदेश में दूसरी और कश्मीर घाटी की सात मार्च को होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली जनसभा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन स्थल बख्शी स्टेडियम को सुरक्षाबलों और एजेंसियों ने कड़ी सुरक्षा के घेरे में ले लिया है। आसपास की सड़कों से गुजरने वाले वाहनों सहित झेलम नदी के किनारे और हाउसबोट को खंगाला जा रहा है। वहीं, प्रशासनिक तैयारियां भी तेज हो गई हैं। रैली में हिस्सा लेने वाले लोगों की स्क्रूटिनी की जा रही है। कई स्थानों पर विकास कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जम्मू से श्रीनगर में दाखिल होने वाले वाहनों की काजीगुंड में नुवयुग टनल के पास तलाशी ली जा रही है। साथ ही अन्य संवेदनशील सड़कों व स्थानों पर नाके लगाए गए हैं।
प्रधानमंत्री की श्रीनगर में जनसभा का सफल आयोजन सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है। आयोजन स्थल बख्शी स्टेडियम श्रीनगर को सुरक्षाबलों ने अपने घेरे में ले लिया है। तलाशी अभियान चलाने के बाद पंडाल बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। स्टेडियम को तिरंगे की थीम में सजाया जा रहा है। इसके अलावा स्टेडियम के आसपास पार्किंग स्लॉट को चिह्नित कर सुरक्षित किया जा रहा है। इस बीच पार्टी मुख्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं में भी काफी उत्साह है और वह झंडे और बैनर तैयार करने में जुटे हैं, ताकि रैली को एक भव्य बनाया जा सके।
झेलम नदी में रिवर पुलिस पेट्रोलिंग जारी
स्टेडियम के पास गुजरने वाली झेलम नदी में रिवर पुलिस की पेट्रोलिंग की जा रही है। सीआरपीएफ और पुलिस डॉग स्क्वॉयड की मदद से हाउसबोट की तलाशी ले रही है। साथ ही वहां रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। स्टेडियम के आसपास रिहायशी इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं।
रैली में आमंत्रित हर व्यक्ति का खंगाला जा रहा डाटा
पुलिस का सिक्योरिटी विंग हर उस व्यक्ति की जांच कर रहा है, जिसे प्रधानमंत्री की रैली में आमंत्रित किया गया है। वहीं, अगर किसी भी शख्स के करीबी का आतंकवाद से कोई लिंक था या है उसे आमंत्रित लोगों की सूची में से ड्रॉप किया जा रहा है।