श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में जंगल की आग में भयावह वृद्धि से संबंधित जनहित याचिका को बंद कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली और न्यायमूर्ति राजनेश ओसवाल की खंडपीठ ने कश्मीर के मुख्य वन संरक्षक द्वारा दायर एक हलफनामे की समीक्षा के बाद यह आदेश पारित किया, जिसमें इस मुद्दे से निपटने के लिए विभाग द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न उपायों का विवरण दिया गया था। यह पीआईएल अप्रैल की शुरुआत में एक समाचार रिपोर्ट से उत्पन्न हुई थी, जिसमें बताया गया था कि केवल दो सप्ताह में 100 से अधिक जंगल की आग की घटनाएं हुईं, जिससे जम्मू-कश्मीर में 200 एकड़ से अधिक वन क्षेत्र नष्ट हो गया। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में अनंतनाग, राजौरी, रामबन, रियासी, डोडा और पुंछ जिले शामिल हैं। कोर्ट ने कहा, हमने जवाब की समीक्षा की और प्रतिवादियों के विद्वान वकील को सुना। उक्त स्थिति को देखते हुए, हम इसे आगे जारी रखने की आवश्यकता नहीं मानते। संवाद