जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि हम अपने जवानों के बलिदान का बदला लेंगे। हम सब एक हैं कार्यक्रम के दौरान सिन्हा ने कहा कि हम कश्मीर घाटी में शांति कायम करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
जवानों के बलिदान को लेकर सिन्हा ने कहा कि हम शहादत का बदला लेंगे और जो भी इस कृत्य में शामिल है उसे करारा जवाब दिया जाएगा। इसमें कोई संदेह नहीं है कि घाटी के लोग आतंकवाद से मुक्ति चाहते हैँ।
इससे पहले डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि मैं जांबाज अधिकारियों को सलाम करता हूं, जिन्होंने इस ऑपरेशन को लीड किया। जहां ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है, वह बहुत ही मुश्किल इलाका है। एक तो कड़ी चढ़ाई है, ऊपर से घना जंगल है। उसके अंदर हाइडआउट थी। यह लोग हाइडआउट के करीब पहुंच गए थे। बचाव की काफी कोशिश हुई। हालांकि जब तक हम उन्हें वहां से निकालते, तब तक उनकी शहादत हो गई गई थी।
उन्होंने कहा कि लगातार ऑपरेशन चल रहा है। सुरक्षाबलों की टुकड़ियां इन-पोजीशन हैं। डीजीपी ने एक सवाल के जवाब में कहा, वहां काफी खतरा है, क्योंकि दहशतगर्द छुपे हैं। उनका हाइडआउट भी है। करीब 10 पार्टियां अलग-अलग जगह पर लगी हुई थीं।
वहीं पुलिस के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि कुछ समय से जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी पहाड़ों, जंगलों और गुफाओं का इस्तेमाल कर गुरिल्ला वारफेयर का टैक्टिक अपना रहे हैं, ताकि सुरक्षाबलों को भारी नुकसान पहुंचा सकें। इसके लिए हमें रणनीति तैयार करनी होगी।