श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर के वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिया है कि वे वित्तीय प्रभाव वाले अदालती मामलों को प्रारंभिक चरण में ही प्रस्तुत करें। विभाग की ओर से जारी एक परिपत्र में बताया गया कि कई मामले देर से भेजे जा रहे हैं जिस कारण वित्त विभाग के पास सीमित विकल्प बचते हैं। अक्सर उसे बिना पूर्ण कानूनी उपायों की जांच किए सहमति देनी पड़ती है या धनराशि जारी करनी पड़ती है। ऐसी स्थितियों को रोकने के लिए विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे रिट याचिकाओं, परिशिष्टों, जवाबों और अदालती फैसलों की प्रतियों सहित सभी मुकदमेबाजी से संबंधित दस्तावेज तुरंत प्रदान करें, ताकि उचित जांच और समय पर निपटान संभव हो सके। वित्त विभाग ने जोर देकर कहा कि शीघ्र प्रस्तुति से बेहतर कानूनी जांच सुनिश्चित होगी और सरकार पर अनावश्यक वित्तीय दायित्वों से बचा जा सकेगा। संवाद