श्रीनगर। डिवीजनल कमिश्नर कश्मीर अंशुल गर्ग ने शनिवार को इको सेंसिटिव जोन में भवन अनुमतियों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिकारी अनावश्यक मुद्दों को न लटकाएं। उन्होंने डाचीगम नेशनल पार्क, थजवास (बलटाल) वन्यजीव अभयारण्य और ओवेरा-आरु वन्यजीव अभयारण्य के संबंध में ‘’इको सेंसिटिव जोन अधिसूचना’’ के कार्यान्वयन के लिए समिति के सदस्यों को निर्माण अनुमतियों के लिए त्वरित निर्णय लेने और आवेदकों का समय बर्बाद किए बिना मामलों का निपटारा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अनावश्यक समय तक मुद्दों को लटकाए रखने से जनता को असुविधा हो रही है। वन्यजीव विभाग ने वन्यजीव अभयारण्यों, राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों में पाए जाने वाले जीव-जंतुओं के साथ-साथ इको सेंसिटिव जोन की परिधि का विवरण और डेटा प्रस्तुत किया। बैठक में अनुमति के लिए प्रस्तुत व्यक्तिगत मामलों और हितधारक विभागों द्वारा अनुमति देने या अस्वीकार करने के लिए लिए गए निर्णयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के दौरान, डिवीजनल कमिश्नर ने एक मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया, जिसमें आवेदक ने बिना उचित अनुमति के पहले ही एक संरचना का निर्माण कर लिया है। उन्होंने संबंधित विभाग को दो महीने के भीतर इको सेंसिटिव जोन के ग्रीन कॉरिडोर का नक्शा तैयार करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने वन्यजीव विभाग को कश्मीर स्टैग (हंगुल) की संख्या बढ़ाने के लिए कहा। ब्यूरो