श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने चार बंदियों के खिलाफ सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत नजरबंदी के आदेशों को रद्द कर दिया है और किसी अन्य मामले में जरूरत न होने पर उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति विनोद चटर्जी कौल की पीठ ने टिक्कर कुपवाड़ा के राशिद हबीब जरगर, कुलगाम के अमीर अहमद राथर, परिमपोरा श्रीनगर के दानिश बशीर डार और चटरगाम, नौगाम के सुहैल शब्बीर गनी उर्फ इमरान के खिलाफ स्थानीय अदालतों के आदेश को खारिज कर दिया। संवाद