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पहाड़ हमें सिखाते हैं चुनौतियों और बाधाओं से निपटना : उप राज्यपाल

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माउंट नून और कुन चोटियों पर चढ़ाई करने वाले अ​​​भियान दल से मिले उप-राज्यपाल
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राजभवन में मुलाकात कर माउंट नून, कुन चोटियों पर चढ़ाई करने वाले अभियान दल की सराहना की
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि विस्मयकारी स्थिति, कठिन इलाकों के साथ पहाड़ हमें चुनौतियों और बाधाओं से निपटने का ज्ञान देते हैं। ये बातें जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स पहलगाम द्वारा आयोजित माउंटेन एक्सपीडिशन-एनयूएन-केयूएन के फ्लैग-इन समारोह में अभियान दल के साथ बातचीत के दौरान कही। राजभवन श्रीनगर में आयोजित समारोह में उप राज्यपाल ने अभियान दल द्वारा माउंट नून और माउंट कुन चोटियों पर चढ़ाई कर इतिहास रचने के उनके धैर्य, दृढ़ संकल्प और उपलब्धि की सराहना की।
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उन्होंने कहा कि यह सामान्य साहसिक कार्य नहीं है, बल्कि यह अज्ञात की खोज को दर्शाता है। विस्मयकारी स्थिति, कठिन इलाकों के साथ पहाड़ हमें चुनौतियों और बाधाओं से निपटने का ज्ञान देते हैं। यह अभियान मातृभूमि, लोगों के हितों की रक्षा और शांति व समृद्धि सुनिश्चित करने के सेना के संकल्प का भी प्रतीक है। मुझे विश्वास है कि हमारे पर्वतारोहियों का साहस, वीरता हमें एक बेहतर समाज बनाने और भावी पीढि़यों को प्रेरित करते रहेंगे। अभियान दल का नेतृत्व जवाहर इंस्टीट्यट ऑफ माउंटेनियरिंग एवं विंटर स्पोर्ट्स के अध्यक्ष कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया था। सेना के बहादुर जवानों ने एक अपरंपरागत मार्ग अपनाया और रिकॉर्ड समय में चोटियों पर चढ़ाई की। बेस कैंप से शिखर तक माउंट कुन (23219 फुट) पर सबसे तेज चढ़ाई (सात दिन) और बेस कैंप से शिखर तक माउंट नून (23409 फुट) पर सबसे तेज चढ़ाई (चार दिन) में पूरी की। उन्होंने कहा कि सबसे तेज चढ़ाई के अलावा हमने जेआईएम और डब्ल्यूएस और 19 डिवीजन द्वारा एक ही प्रयास में माउंट नून और माउंट कुन पर क्रमिक रूप से चढ़ाई करके इतिहास रचा है।
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