सेना की तरफ से अंतर ग्राम कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया! ढखर वारियर्स ने जीता फाईनल मुकाबल
ज्यौड़ियां। खौड़ के सीमावर्ती गांव में चल रही अंतर ग्रामीण कबड्डी स्तर प्रतियोगिता का शुक्रवार को फाइनल मुकाबला गांव बरढोह की टीम बरढोह बुल्स तथा गांव ढखर की टीम ढखर वारियर्स के बीच खेला गया। मुकाबले की शुरुआत करते हुए बरढोह बुल्स ने टास जीत कर मैच की शुरुआत की। मुकाबले में ढखर वारियर्स के खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 87 प्वाइंट बनाए और बरढोह बुल्स 65 प्वाइंट ही बना पाई।
सेना के अनुसार यह प्रतियोगिता खेल और खेल का भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्रॉस्ड स्वॉर्ड्स डिवीजन के तत्वावधान में 01 से 04 नवंबर तक खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट के मिशन को आगे बढ़ाते हुए आयोजित की गई है। क्योंकि ऐसी प्रतियोगिताएं दूरदराज के गांवों में खेल संस्कृति को विकसित करती हैं और उभरते खिलाड़ियों की नींव रखती है।
बता दें कि इस प्रतियोगिता में क्षेत्र के 06 गांवों की टीमों ने भाग लिया, जिसमें बट्टल, जोगवान, सेरी पलाई, बरदोह, ढाखर और मुंगेर आदि शामिल हैं। सभी टीमों ने सभी मैचों में सच्ची खेल भावना और प्रतिस्पर्धा की भावना का प्रदर्शन किया। टीमों ने तीन-तीन टीमों के दो ग्रुप में मुकाबला किया और फाइनल शुक्रवार को गांव बारदोह की टीम बारदोह बुल्स बनाम गांव ढाखर की टीम ढाखर वारियर्स के बीच खेला गया।
मैच का माहौल किसी राष्ट्रीय खेल से कम नहीं था। जो दर्शकों को समान रूप से रोमांचित और मंत्रमुग्ध कर रहा था। चार दिवसीय आयोजन के दौरान खेल के प्रति उत्साह और जुनून का प्रदर्शन करते हुए, गांवों के स्थानीय लोग बड़ी संख्या में अपनी टीमों का समर्थन करने और प्रोत्साहित करने के लिए पहुंचे। एक गहन रोमांचीत मैंच के बाद, टीम.... द्वारा चैंपियनशिप जीती गई। फाइनल मैच के उपरांत में विजेता और उपविजेता टीमो को पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया गया।भारतीय सेना के क्त्रसॅस्ड स्वॉर्डस डिवीजन द्वारा इस आयोजन की पहल ने न केवल सुदूर क्षेत्र में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित किया बल्कि उभरते खिलाड़ियों का एक अवसर और मंच भी दिया। इस आयोजन ने स्थानीय लोगों को एकजुट करने और सेना और स्थानीय लोगों के बीच सौहार्द को मजबूट करने में भी मदद की। स्थानीय लोगों ने कार्यक्त्रस्म के आयोजन और स्थानीय लोगों के कल्याण के लिए सेना द्वारा की जा रही अन्य पहलों के लिए सेना की सराहना की।