अरनिया। सोहागपुर गांव में श्रीमद् भागवत सप्ताह कथा और संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। भूपेंद्र शास्त्री ने श्रीराम की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि 14 बरस का बनवास काटने के बाद ही श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया था। त्याग और बलिदान श्रीराम के जीवन से ही सीखा जा सकता है। जिस दिन उनका राज्याभिषेक होना था। उसी दिन उनको 14 बरस का बनवास जाना पड़ा था, जिसे उन्होंने हंसते हुए कबूल कर लिया था। उन्होंने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 बरस का बनवास स्वीकार कर लिया था। सुहागपुर में श्रीमद् भागवत सप्ताह कथा और संत सम्मेलन में हर दिन शास्त्री जी प्रवचन सुनाएंगे। श्रीमद् भागवत सप्ताह कथा के पहले दिन बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।